रांची, [नीरज अम्बष्ठ]। कोरोना से बहुत अधिक घबराने की नहीं,  सावधानी जरूरी है। झारखंड में कोरोना पॉजिटिव पाए गए अबतक जिन सात लोगों की मौत हुई है, उनमें लगभग सभी कोरोना के बजाए दूसरी बीमारियों से जिंदगी की जंग हारे। ऐसे सात लोगों में चार लोग पहले से ही किडनी, मधुमेह जैसी बीमारियों से गंभीर रूप से पीडि़त थे। वहीं एक की मौत की वजह दुर्घटना है। अभी तक ऐसा एक ही मामला सामने नहीं आया है जिसमें मौत कोरोना के कारण हुई।

राज्य में पहली मौत बोकारो के साड़म पंचायत के 65 वर्षीय वृद्ध की हुई थी जो पहले से बीमार थे और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। दूसरी मौत ङ्क्षहदपीढ़ी के 60 साल के पुरुष की हुई। तीसरी मौत उनकी पत्नी की हुई जो पहले से ही डायलिसिस पर थी। डायलिसिस के क्रम में ही उनके पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। हालांकि उन्होंने कोरोना को पूरी तरह मात दे दी थी। अलबत्ता रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट होने से हो गई।

राज्य में चौथी मौत कोडरमा पहुंचे प्रवासी मजदूर की हुई जो पहले से ही मुंबई से गंभीर रूप से बीमार होकर पहुंचा था। उसकी भी मौत रिपोर्ट आने के पहले हो चुकी थी। पांचवीं मौत गिरिडीह के जमुआ निवासी व्यक्ति की हुई जो दूसरी बीमारी का इलाज कराने रांची के मेडिका पहुंचा था। वह व्यक्ति रिपोर्ट आने से पहले वापस गिरिडीह लौट गया था, जहां उसकी मौत हो गई।

बताया जाता है कि वह गंभीर रूप से मधुमेह से पीडि़त था। छठी मौत कोकर निवासी रिटायर्ड फौजी की हुई, जिनकी गंभीर रूप से बे्रन इंजुरी छत से गिरने के बाद हुई थी। इलाज के क्रम में ही वे पॉजिटिव पाए गए थे। सातवीं मौत शुक्रवार को सिमडेगा निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक की हुई जो किडनी रोग से पीडि़त थे तथा इलाज कराने मेडिका पहुंचा था।  

राज्य में दो ऐसे लोगों की भी मौत हुई है जिसे राज्य के आंकड़े में शामिल नहीं किया जाता। उनमें एक रांची के पूर्व डीडीसी की मौत शामिल है, जिनकी मृत्यु ब्रेन हेमरेज की वजह से गुरुग्राम के एक अस्पताल में हो गई थी। वहां वे पॉजिटिव भी पाए गए थे। वहीं, महाराष्ट्र से बंगाल लौट रहे एक मजदूर की भी मौत सड़क दुर्घटना के कारण रिम्स में हो गई, जिसकी रिपोर्ट बाद में पॉजिटिव आई। इस तरह, दोनों मामले में मौत का कारण कुछ और रहा। 

झारखंड में कोरोना से मौत की दर महज 0.68 फीसद

झारखंड में कोरोना से मौत की दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। पूरे देश में कोरोना से मृत्यु की दर 2.81 फीसद है, जबकि झारखंड में यह दर महज 0.68 फीसद है। 

वृद्ध जनों व रोगियों के लिए सावधानी जरूरी

बुजुर्गों तथा पुराने रोगियों के लिए यह वायरस खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। राज्य सरकार भी ऐसे लोगों को बिना आवश्यक काम के घर से बाहर नहीं निकलने तथा घर में रहने की सलाह देती है। 

कैंसर पीडि़त ने भी दी कोरोना को मात

राज्य में अबतक आठ मरीज ऐसे मिले हैं जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है। हालांकि उनमें से चार लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं। इनमें एक कैसर पीडि़त महिला भी शामिल है। वहीं दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अभी भी इलाजरत हैं। 

फैक्ट फाइल

  1. 80 से 90 फीसद मरीजों में कोई लक्षण भी नहीं आता और वे स्वस्थ हो जाते हैं।
  2. राज्य में अभी तीन-चार मरीज ही ऐसे हैं जिन्हें आइसीयू में रखना पड़ा है।

 

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