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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: 1985 के बाद झारखंड आने वालों को बराबरी का हक देना झारखंड के लिए काला दिन... पढ़िए- झामुमो विधायक ने क्या कहा...

By M EkhlaqueEdited By:
Published: Mon, 28 Feb 2022 10:55 PM (IST)Updated: Tue, 01 Mar 2022 07:53 AM (IST)

Jharkhand News झामुमो के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने झारखंड विधानसभा में कहा कि वर्ष 1985 के बाद झारखंड आने ...और पढ़ें

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में Sudivya Kumar Sonu के बयान से विवाद बढ़ने की आशंका।
Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में Sudivya Kumar Sonu के बयान से विवाद बढ़ने की आशंका।

रांची, राज्य ब्यूरो। गिरिडीह से झामुमो के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने साेमवार को सदन में कहा कि झारखंड के लिए वह काला दिन था, जिस दिन 1985 के बाद झारखंड में आनेवालों को मूल झारखंडियों के बराबर हक दे दिया गया। जिन लोगों ने अलग झारखंड के लिए आंदोलन किया और इस दौरान जिनकी जान गई उनके बारे में सोचा नहीं गया।इसके पूर्व भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने उर्दू को अधिक महत्व देने का मामला उठाया और कहा कि इसके माध्यम से राज्य सरकार तुष्टिकरण को बढ़ावा दे रही है।

आरोप लगाया कि कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में हिंदी को हटाकर उर्दू को महत्व दिया गया है। उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि केंद्र के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि केंद्र सरकार ने लगातार झारखंड सरकार के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है।

झामुमो विधायक ने कहा- भाजपा ने भाषा विवाद को दिया जन्म

झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने आरोपों का जवाब दिया और कहा कि शुरू से ही भाजपा ने भाषा विवाद को जन्म दिया है। उन्होंने रांची विश्वविद्यालय का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने पर भी आपत्ति जताई और विधायकों की कालोनी का नाम दीनदयाल नगर होने पर भी आपत्ति जताई। कहा, इन महानुभावों के कदम कभी झारखंड की धरती पर पड़ी हो या नहीं, भाजपा के नेता इनका नाम हर जगह चलाना चाहते हैं।

बाबूलाल मरांडी के शासन में उर्दू बनी दूसरी राजभाषा

उन्होंने भाषा विवाद पर कहा कि झारखंड में पहली बार उर्दू को द्वितीय राजभाषा का दर्जा बाबूलाल मरांडी की सरकार ने 2003 में दी और इसके बाद 2016 में रघुवर सरकार ने भी इसे लागू किया। कहा कि हिंदी को हटाने की खबर भ्रामक है। पहला पेपर क्वालीफाइंग है जो हिंदी एवं इंग्लिश में होगा। आगे कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के दमन के लिए पुलिस द्वारा जिस भाषा का प्रयोग किया जाता था, उस भाषा को झारखंडी कैसे स्वीकार कर सकते हैं।

रुपेश पांडे की हत्या पर राजनीति कर रही भाजपा

राज्यपाल से माब लिंचिंग विधेयक को स्वीकृत करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कई युवा रूपेश पांडेय जैसी मौत से बच सकते थे। लेकिन, भाजपा को तो अपना एजेंडा चलाना है। उन्हें तो नेता प्रतिपक्ष की राजनीति करनी है। रूपेश पांडेय प्रकरण पर उन्होंने कहा कि भाजपा लाश पर राजनीति कर रही है।

इरफान ने धनबाद का मामला उठाया, भानु बोले माब लिंचिंग की शुरुआत कांग्रेस ने की

विधायक इरफान अंसारी ने धनबाद में अल्पसंख्यक समुदाय के एक व्यक्ति से थूक चटवाने की घटना को उठाया और कहा कि उस घटना पर कार्रवाई की बात तो दूर, भाजपा के किसी नेता ने विरोध तक नहीं किया। उनकी बातों पर आपत्ति दर्ज करते हुए भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही ने कहा कि माब लिंचिंग की शुरुआत 1984 में कांग्रेस ने की थी।