रांची, जासं। रांची नगर निगम के संवेदकों ने विभिन्न योजनाओं के टेंडर प्राक्कलित राशि से कम पर होने की वजह से विरोध का बिगुल बजा दिया है। संवेदक इस बात से नाराज हैं कि अब प्राक्कलित राशि से काफी कम पर टेंडर हो रहे हैं। उनका कहना है कि इससे काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। कई एजेंसियां प्राक्कलित राशि से 30 से 40 प्रतिशत कम पर टेंडर लेने के बाद आधा अधूरा काम कर छोड़ कर चली गई हैं। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।

संवेदकों का कहना है कि पहले प्राक्कलित राशि से 10 प्रतिशत कम रकम तक के ही टेंडर स्वीकार किए जाते थे। जो संवेदक प्राक्कलित राशि से 10 प्रतिशत से अधिक कम रकम पर टेंडर डालता था, उसका टेंडर स्वीकार नहीं किया जाता था। लेकिन, अब कुछ नए संवेदक प्राक्कलित राशि से 30 से 40 फीसद तक कम पर टेंडर डाल रहे हैं। उनका कहना है कि ठेकेदारी के काम में कुछ नए ठेकेदार आ गए हैं। वे समझ नहीं पाते और प्राक्कलित राशि से कम रकम में टेंडर डाल देते हैं। बाद में ऐसे ठेकेदार काम छोड़ कर चले जाते हैं।

इससे सरकारी काम लटक जाता है। यह ठेकेदार गुणवत्ता से समझौता करते हैं। रांची नगर निगम के ठेकेदार रमेश कुमार ने बताया कि सभी ठेकेदार शुक्रवार की दोपहर बाद 2:00 बजे रांची नगर निगम में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। बैठक में इस बात पर मंथन किया जाएगा कि नगर निगम के सभी ठेकों का बहिष्कार किया जाए। एक अन्य ठेकेदार सुरेश प्रसाद ने बताया कि सरकार ने कई चीजों के रेट कम तय किए हैं। जबकि, बाजार में उनका रेट अधिक है। इससे भी ठेकेदारों को दिक्कत हो रही है।

जोड़ा तालाब के सुंदरीकरण का काम इसकी मिसाल है। जोड़ा तालाब का सुंदरीकरण करने का ठेका लेने वाली एक एजेंसी थोड़ा बहुत काम करके काम छोड़कर चली गई। इस एजेंसी को तालाब के सुंदरीकरण का काम दो करोड़ रुपये में दिया गया था। इसके बाद दूसरी एजेंसी को ठेका दिया गया था। दूसरी एजेंसी भी थोड़ा सा काम करने के बाद काम छोड़कर चली गई है। इस एजेंसी को 80 लाख रुपये में सुंदरीकरण का काम दिया गया था।

रांची के वार्ड नंबर नौ स्थित जोड़ा तालाब के सुंदरीकरण का काम नगर निगम नहीं शुरू कर रहा है। काम शुरू करने के बजाय ठेकेदार एजेंसी को नोटिस पर नोटिस दिए जा रहा है। इसका कोई परिणाम नहीं निकल रहा है। बस ठेकेदार को धमकी दी जा रही है कि काम नहीं शुरू किया तो काली सूची में डाल देंगे। लेकिन कार्रवाई नहीं होने से सुंदरीकरण का काम बंद चल रहा है।

गौरतलब है कि नगर निगम की तरफ से जोड़ा तालाब के सुंदरीकरण को लेकर दो करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से जोड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण कराया जाना था। इसे करमटोली की तर्ज पर खूबसूरत बनाए जाने की योजना तैयार की गई थी। आसपास बच्चों के लिए झूला वगैरह लगाने का भी प्रविधान किया गया था। लेकिन जिस एजेंसी को काम मिला, वह थोड़ा काम करने के बाद चली गई।

सूत्र बताते हैं कि एजेंसी को एक करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। लेकिन यह एजेंसी थोड़ा बहुत काम करके ही चली गई। थोड़ी दूर तक बाउंड्री बनाई गई। एक तालाब में दो गेट का ढांचा तैयार किया गया। आसपास सीढ़ियां बनाई गईं। यह अब पूरी तरह जर्जर हो गई है। इसके बाद 80 लाख रुपये की लागत से दूसरी एजेंसी को काम दिया गया।

दूसरी एजेंसी ने भी कुछ दिन काम किया और काम बंद कर दिया। लगभग एक साल से अधिक का समय हो गया है। जोड़ा तालाब के सुंदरीकरण का काम बंद है। इलाके के लोग रांची नगर निगम से नाराज हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम जोड़ा तालाब का निर्माण कार्य जल्द शुरू करे। लेकिन, नगर निगम अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं करा सका है।

चल रही आरोप की थोपा-थोपी

जोड़ा तालाब के सुंदरीकरण के लिए दूसरी एजेंसी को दोबारा टेंडर दिया गया। उसका कहना है कि उसने जो काम किया है, उसका भुगतान अब तक रांची नगर निगम नहीं कर पाया है। इसलिए वह काम करने में असमर्थ है। पैसा मिलेगा, तभी आगे काम हो पाएगा। ठेकेदार का कहना है कि उसने रांची नगर निगम के अधिकारियों को भुगतान करने का आवेदन दिया है। लेकिन अधिकारी भुगतान नहीं करा पा रहे हैं। जबकि रांची नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा का कहना है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। लेकिन सुंदरीकरण का काम कब शुरू होगा, यह कोई नहीं बता पा रहा।

पखवारे भर पहले उप नगर आयुक्त ने किया था निरीक्षण

पखवारे भर पहले उप नगर आयुक्त रजनीश कुमार ने एजेंसी के प्रतिनिधि के साथ जोड़ा तालाब का निरीक्षण किया था। इस दौरान एजेंसी के प्रतिनिधि को सुंदरीकरण का काम शुरू करने की हिदायत दी गई थी। लेकिन उप नगर आयुक्त की हिदायत भी काम नहीं आई। एजेंसी ने अब तक सुंदरीकरण का काम नहीं शुरू किया। एजेंसी के जिम्मेदारों का कहना है कि जब तक रांची नगर निगम उसके बकाए रकम का भुगतान नहीं करता, काम शुरू नहीं होगा।

जोड़ा तालाब के सुंदरीकरण का काम सिंघल एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी ने बीच में काम बंद कर दिया था। उसका कुछ बिल बकाया है। जो बिल बकाया है, उसे इंजीनियरिंग शाखा से आगे बढ़ा दिया गया है। जल्द ही भुगतान हो जाएगा। -रमाशंकर राम अधीक्षण अभियंता, रांची नगर निगम।

Edited By: Sujeet Kumar Suman

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