रांची, जासं। राजधानी रांची में मंगलवार को कई संस्थाओं में संविधान दिवस मनाया जा रहा है। स्कूल-कॉलेज से लेकर कोर्ट परिसर और सुरक्षा बलों के संस्थानों में भी संविधान दिवस पर मूल कर्तव्यों की शिक्षा दी जा रही है। रांची के सिविल कोर्ट में इस अवसर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। बार एसोसिएशन सचिव कुंदन प्रकाशन ने बताया कि सिविल कोर्ट में लोगों को देश के प्रति कर्तव्य व उनके मूलभूत अधिकारों से अवगत कराया गया।

इधर, झारखंड सेक्टर, सीआरपीएफ के प्रांगण में संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक संजय आनंद लाठकर के अलावा, सीटीसी (टी एवं आईटी), रेंज रांची, एवं ग्रुप केंद्र रांची के अधिकारीगण एवं कार्मिक उपस्थित हुए। मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक ने इस मौके पर भारतीय संविधान के इतिहास के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि संविधान हमें हमारे मूल अधिकार देता है लेकिन इनके साथ ही संविधान हमें हमारे मूल कर्तव्यों की शिक्षा भी देता है। संविधान दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि प्रत्येक नागरिक अपने मूल अधिकारों के साथ-साथ अपने मूल कर्तव्यों का भी ध्यान रखे। तभी हम महान संविधान निर्माताओं के सपनों का भारत बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जिसमें मूलत: कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद एवं 8 अनुसूचियां थी।

संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीम राव आंबेडकर की 125वीं जयंती वर्ष के रूप में 26 नवंबर 2015 से संविधान दिवस पूरे भारतवर्ष में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने भारत के संविधान की प्रस्तावना पढ़कर सुनाया गया। इसे उपस्थित सभी अधिकारी एवं कार्मिकों ने दोहराया। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक, अखिलेश प्रसाद सिंह, डीटी बनर्जी, उषा किरण कंडूलना, भाष्कर रे सहित सीआरपीएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं जवान उपस्थित रहे।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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