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सिपाही शंभू निकला 28 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड, हजारीबाग SP कार्यालय गबन मामले में CID ने सौंपी रिपोर्ट

Published: Sat, 03 Oct 2026 10:44 PM (IST)

सीआईडी ने रांची कोर्ट में सिपाही शंभू कुमार सिंह के खिलाफ 28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. सीआईडी ने सिपाही शंभू सिंह के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए।

  2. हजारीबाग एसपी कार्यालय से 28 करोड़ की अवैध निकासी।

  3. कंप्यूटर डेटा में छेड़छाड़ कर 10 साल तक घोटाला।

राज्य ब्यूरो, रांची। जिलों के कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में सिपाही शंभू कुमार सिंह के विरुद्ध जालसाजी कर रुपयों की निकासी मामले में साक्ष्य दी है।

सीआईडी ने कोर्ट को बताया है कि आरोपित सिपाही शंभू कुमार सिंह हजारीबाग एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में मुख्य लेखापाल के रूप में कार्यरत था।

उसने कंप्यूटर डेटा में छेड़छाड़ कर करीब 28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की थी। हजारीबाग एसपी कार्यालय के डीडीओ कोड (एचजेडबीपीओएल007) का उपयोग कर उसने करीब 10 वर्षों तक अवैध लेन-देन किया था।

बिल की कागजी कॉपी व सॉफ्ट कॉपी में बड़ा अंतर रहता था। शंभू कुमार ने अपने साथी सिपाही रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह और धीरेंद्र सिंह के साथ मिलकर कार्यालय के कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज डेटा में छेड़छाड़ कर फंड को एक खाते से दूसरे खाते में हस्तांतरित की थी।

दो खातों में ट्रांसफर किए थे पैसे

सीआईडी ने जांच में पाया है कि सिपाही शंभू कुमार सिंह ने शुरू में बिहार के गया स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अनुग्रह कॉलोनी शाखा के दो खातों में राशि स्थानांतरित की थी।

इनमें एक खाता नंबर 31331756028 उसके स्वयं का था, जबकि खाता नंबर 32904118657 संगीता चौधरी के नाम पर था।

वित्त विभाग की जांच में भी दो खातों के माध्यम से कुल 15,41,41,485 रुपये के गबन का मामला सामने आया था। जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि दस वर्षों में शंभू कुमार सिंह सहित सभी आरोपित भारतीय स्टेट बैंक के कुल 21 बैंक खातों का उपयोग कर 28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की थी।

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