विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hemant Soren: हेमंत सोरेन को ही समर्थन देगी कांग्रेस, गठबंधन बनाए रखने का संकल्प, फैसला भाजपा को कैसे चला पता

By M EkhlaqueEdited By:
Published: Thu, 25 Aug 2022 01:00 PM (IST)Updated: Thu, 25 Aug 2022 01:02 PM (IST)

Hemant Soren News कांग्रेस ने दो टूक कह दिया है कि अगर हेमंत सोरेन के खिलाफ फैसला आता है तो ...और पढ़ें

Jharkhand Chief Minister Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का फाइल फोटो।
Jharkhand Chief Minister Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का फाइल फोटो।

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Chief Minister Hemant Soren मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता खारिज होने की स्थिति में भी कांग्रेस गठबंधन के रास्ते से अलग होने को तैयार नहीं है। झारखंड में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व यह मानकर चल रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता भले ही छिन जाए उनके चुनाव लड़ने पर पाबंदी जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए। अगर चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई गई तो झारखंड मुक्ति मोर्चा को तय करना होगा कि पार्टी किसके नेतृत्व में सत्ता पर काबिज होना चाहती है।। तमाम परिस्थितियों में कांग्रेस अभी झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ ही चलेगा और उसके निर्णयों में कांग्रेस की सहमति होगी। पार्टी के कई नेता अभी से ही यह बात कहने लगे हैं कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए फिर से दावेदारी की जाएगी।

गठबंधन में टूट जैसी बातें नहीं करने का संकल्प

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर अभी कुछ देर बाद संवाददाताओं को संबोधित करेंगे। पहले से निर्धारित यह कार्यक्रम उनके अध्यक्ष के तौर पर 1 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित है लेकिन अब सवाल उनसे नहीं मुख्यमंत्री से संबंधित पूछे जाएंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने इसकी तैयारियां भी कर ली है और किसी भी स्थिति में महागठबंधन में टूट जैसी बातें नहीं करने का संकल्प लिया है। लाभ के पद के मामले में शिबू सोरेन के छोटे पुत्र बसंत सोरेन भी आरोपित हैं ऐसे में पार्टी का नेतृत्व किसे मिलेगा इसको लेकर अभी तक संशय बना हुआ है। बहरहाल, कांग्रेस पार्टी हेमंत सोरेन के नेतृत्व को लेकर सहज भी हैं और पार्टी के अंदर कोई विरोध भी नहीं है। जो कुछ लोग विरोध करने वाले थे वह फिलहाल पश्चिम बंगाल में हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के सामने अगर सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन का विकल्प बचता है तो भी कांग्रेस किसी अन्य विकल्प पर विचार नहीं करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी पार्टी मोर्चा के साथ ही महागठबंधन में आगे बढ़ेगी।

फैसला बंद लिफाफे में तो भाजपाइयों को कैसे चला पता

झारखंड में कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ऐसी सूचना मिल रही है कि निर्वाचन आयोग ने अपना मंतव्य सीलबंद लिफाफे में राज्यपाल को भेजा है। ऐसे में अगर कोई जानकारी सीधे मीडिया तक पहुंच रही है भाजपा नेताओं के माध्यम से तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही शर्मनाक बात है। आखिर भाजपा नेताओं को यह जानकारी राज्यपाल के रांची पहुंचने से पहले कैसे मिल जा रही है और ऐसा होने पर राज्यपाल एवं निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं पर भी सवाल उठना लाजिमी है।