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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Congress President Election: झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर का नहीं दे रहे साथ

By M EkhlaqueEdited By:
Published: Sat, 15 Oct 2022 06:34 PM (IST)Updated: Sat, 15 Oct 2022 06:37 PM (IST)

Congress President Election झारखंड में शशि थरूर को दहाई अंकों में भी वोट मिलने की उम्मीद नहीं है। 319 डेलीगेट्स ...और पढ़ें

Congress President Election: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे व शशि थरूर।
Congress President Election: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे व शशि थरूर।

रांची, राज्य ब्यूरो। Congress President Election कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में दोनों प्रमुख उम्मीदवारों में से शशि थरूर के पक्ष में वोट देने के लिए अभी तक डेलीगेट्स आगे आते नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर मल्लिकार्जुन खड़गे के पक्ष में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर नए-पुराने तमाम मंत्री और नेता जुटे हुए हैं। जाहिर सी बात है कि कांग्रेस में हर नेता गांधी परिवार को खुश करने के लिए ऐसा कर रहा है। अभी तक मल्लिकार्जुन खड़गे को गांधी परिवार की पसंद माना जा रहा है।

मात्र एक नेता ने उठाया प्रचार का बीड़ा

शनिवार को झारखंड में शशि थरूर के चुनाव प्रचार को लेकर अभियान की शुरुआत की गई। यह जिम्मा उठाया शशि थरूर के साथ प्रोफेशनल कांग्रेस में काम कर चुके युवा नेता आदित्य विक्रम जायसवाल ने। आदित्य विक्रम जायसवाल झारखंड में प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रमुख पद को संभाल रहे हैं। शशि थरूर के चुनाव प्रचार अभियान के लिए प्रदेश स्तर का कोई सीनियर नेता सामने नहीं आया है। इसी बात से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इन्हें दहाई अंकों में भी वोट मिलने की उम्मीद नहीं है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ही सोनिया गांधी की पसंद

शशि थरूर व्यक्तिगत तौर पर डेलीगेट्स से बात कर उनसे वोट देने की अपील भी कर रहे हैं, लेकिन इसका असर कितना होता है यह चुनाव का परिणाम ही बताएगा। दूसरी ओर, मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए सभी स्तर के नेता वोट देने और दिलाने की बात करते दिख रहे हैं। झारखंड में कांग्रेस के 319 डेलीगेट्स में से अधिसंख्य तक यह संदेश पहुंच चुका है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ही सोनिया गांधी की पसंद हैं। ऐसे में उनके पक्ष में अधिक वोट पड़ने की संभावनाएं भी प्रबल हैं।

17 अक्टूबर काे मतदान, 19 को मतगणना

मालूम हो कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 17 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसके नतीजे 19 अक्टूबर को घाेषित किए जाएंगे। करीब 22 साल बाद कांग्रेस में चुनाव के जरिए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा रहा है। इस चुनाव में दो प्रत्याशी आमने सामने हैं। इनमें शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। झारखंड से भी पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने नामांकन किया था, लेकिन नामांकन पत्र रद हो गया था। अगर केएन त्रिपाठी मैदान में होते तो यह चुनाव और भी दिलचस्प हो सकता था।

गांधी परिवार ने चुनाव से खुद को अलग रखा

मालूम हो कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए 24 से 30 सितंबर तक नामांकन की प्रक्रिया चली। इसके बाद आठ अक्टूबर को नामांकन वापसी की अंतिम तिथि थी। इस बार पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में गांधी परिवार ने खुद को अलग रखा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इनदिनों भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। उन्होंने इस चुनाव को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। उधर, सोनिया गांधी ने भी चुनाव को लेकर चुप्पी साध रखी है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी की इस चुप्पी के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

बिना इस्तीफा दिए प्रचार में उतरे प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष

कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में जहां सीनियर नेताओं ने आचार संहिता का पालन करते हुए इस्तीफा देने के बाद अध्यक्ष का प्रचार किया, वहीं झारखंड में इसकी अनदेखी का नमूना भी मिल गया है। चुनाव को लेकर जारी निर्देशों में स्पष्ट तौर पर यह बात कही गई थी कि कोई भी पार्टी पदाधिकारी किसी भी उम्मीदवार का प्रचार नहीं कर सकता है। यही कारण था कि केंद्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ व अन्य नेताओं ने अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में प्रचार करने के पूर्व अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अन्य कई नेताओं ने ऐसा ही किया। अध्यक्ष चुनाव को लेकर स्पष्ट तौर पर निर्देश था कि कोई भी पार्टी पदाधिकारी किसी उम्मीदवार का प्रचार नहीं करेगा और इस निर्देश की अवहेलना करते हुए प्रदेश प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य जायसवाल ने शनिवार को शशि थरूर का प्रचार किया। अब देखना होगा कि उनके खिलाफ कांग्रेस कार्रवाई करती है या नहीं।