मेदिनीनगर (पलामू), जासं। Congress News अग्निपथ योजना के विरोध में कांग्रेस की तरफ से 27 जून को झारखंड के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सत्याग्रह किया गया। पलामू जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी सत्याग्रह हुआ। इस दौरान डालटनगंज विधानसभा में कांग्रेस की गुटीय राजनीति खुलकर सामने आ गई। सत्याग्रह में विधानसभा क्षेत्र के मेदिनीनगर महानगगर अध्यक्ष अभिषेक सिंह, चैनपुर प्रखंड अध्यक्ष सागर दास, सतबरवा प्रखंड अध्यक्ष रमजान खान, सदर मेदिनीनगर प्रखंड अध्यक्ष रामानंद पाठक, रामगढ़ प्रखंड अध्यक्ष उदय यादव शामिल नहीं हुए। इनमें एक अभिषेक को छोड़कर सत्याग्रह में भाग नहीं लेने का कारण सभी ने प्रभारी केएन त्रिपाठी की कार्यशैली को जिम्मेवार ठहराया। कहा-प्रभारी ने सूचना नहीं दी।

प्रभारी को समन्वय बना करना था सत्याग्रह

अग्निपथ योजना के विरोध में सत्याग्रह के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने विधानसभावार प्रभारियों का मनोनयन किया था। यह निर्देश दिया था कि प्रभारी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस जिलाध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्षों से समन्वय बनाकर कार्यक्रम करेंगे। डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी केएन त्रिाठी ने मेदिनीनगर महानगर अध्यक्ष अभिषेक सिंह को छोड़कर किसी को सूचना नहीं दी। हालांकि अभिषेक सिंह भी सत्याग्रह में भाग नहीं लिए। उन्होंने बताया कि वे मेदिनीनगर से बाहर थे। शेष चार प्रखंडों के अध्यक्षों ने कहा कि प्रभारी ने सूचना ही नहीं दी।

इस बाबत पूछने पर जिलाध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू ने कहा कि प्रभारी ने उनसे भी बात नहीं की। बिट्टू को झारखंड कांग्रेस ने पांकी विधानसभा का प्रभारी बनाया था। उन्होंने नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड में सत्याग्रह किया। प्रखंड अध्यक्षों को कार्यक्रम की सूचना नहीं देने के सवाल पर केएन त्रिपाठी ने सीधा जवाब नहीं दिया। कहा-सत्याग्रह में बड़ी संख्या में लोग आए थे। कौन आया और कौन नहीं आया यह कोई मुद्दा नहीं है।

गुटबाजी के कारण पलामू में कांग्रेस का बंटाधार

सत्याग्रह के दौरान पलामू कांग्रेस की गुटबाजी सामने आ गई। यह गुटबाजी टिकट की दावेदारी के लिए बताई जा रही है। डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र से केएन त्रिपाठी चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। तीन बार हार मिली है। 2024 का भी चुनाव लड़ना चाहते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिट्टू पाठक भी दावेदर हैं। एआइसीसी सदस्य चंद्रशेखर शुक्ता की भी दावेदारी है। टिकट की दावेदारी के कारण गुटबाजी बढ़ी है। इससे कांग्रेस का नुकसान हो रहा है। पलामू कांग्रेस में जारी गुटबाजी का ही परिणाम है कि 2019 के चुनाव में महागठबंधन के बावजूद कांग्रेस डालटनगंज के साथ ही पांकी और विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र हार गई थी।

Edited By: Sanjay Kumar