रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। Jharkhand News Lockdown झारखंड में लॉकडाउन 2 सप्ताह के लिए बढ़ाया गया है। मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा एलान किया है। हाई लेवल कमेटी के साथ चर्चा के बाद सीएम ने लॉकडाउन पर अहम फैसला करते हुए अब 27 मई तक झारखंड में लॉकडाउन लागू किया है। शादी समारोह में लोगों की संख्या कम की गई। अब महज 11 लोग शामिल हो सकेंगे। राज्य के बाहर आने जाने पर रोक लगा दी गई है। दूसरे राज्‍यों में आने-जाने वाले अनुमति लेकर ही आवागमन कर सकेंगे। ई पास अनिवार्य कर दिया गया है। दूसरे राज्‍यों से झारखंड आने वालों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। सारी बसें बंद कर दी गई हैं। 16 मई से दूसरे राज्‍यों से झारखंड आने वाली बसें नहीं चलेंगी। एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाली बसें भी इस दिन से ही बंद रहेंगी।

इससे पहले 22 अप्रैल से 13 मई तक तीन चरण में झारखंड में लॉकडाउन लगा है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य में लॉकडाउन बढ़ाने पर आज निर्णय लिया जाना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक होने वाली है, जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान कोरोना नियंत्रण पर चर्चा होगी। संभावना जताई जा रही है कि झारखंड में लॉकडाउन की अवधि बढ़ेगी और सरकार नई पाबंदियों के साथ अभी और सख्ती बढ़ाएगी।

झामुमो के साथ कांग्रेस के कई नेता संपूर्ण लॉकडाउन के पक्ष में

सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता लगातार संपूर्ण लॉकडाउन के पक्ष में बातें करते रहे हैं लेकिन कांग्रेस शुरू से ही व्यावसायिक गतिविधियों को बाधित नहीं करने के पक्ष में रही। अब धीरे-धीरे यह धारणा भी बदल रही है और कांग्रेस के नेता भी संपूर्ण लॉकडाउन के पक्ष में बातें करने लगे हैं। पार्टी के कई कार्यकारी अध्यक्ष इस संदर्भ में अपनी बातें अलग-अलग मोर्चों पर भी रख चुके हैं। पार्टी के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के लॉकडाउन संबंधी बयान से इन्हें बल मिला है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, शादी-विवाह को एक माह के लिए टाल देना चाहिए

रांची में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भी कहीं ना कहीं पाबंदियों को और बढ़ाने की वकालत की है, संपूर्ण लॉकडाउन से अभी भी उन्हें परहेज है। सोमवार को अपने आवास पर बातचीत के क्रम में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदम का अनुसरण कई अन्य राज्यों द्वारा भी किया जा रहा है और अभी संपूर्ण लॉकडाउन की जगह कुछ और पाबंदियां बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इसके तहत शादी विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों को एक महीने तक टाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में किसान भी कठिनाई में है, वहीं ओलावृष्टि से कई किसानों के फसल को नुकसान पहुंचा है, मुख्यमंत्री ने नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति का निर्देश दिया है।

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