रांची : राजधानी रांची में रविवार को यूपीएससी की असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा हुई। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने प्रथम पत्र में साइंस पार्ट को टफ बताया। जेनरल एबिलिटी एंड इंटेलीजेंस में स्टेटमेंट से संबंधित प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लग रहा था। दूसरे पत्र में ग्रामर व निबंध के टॉपिक कठिन थे। विषय पर गहरी पकड़ होने के बाद ही निबंध लिख पाना संभव था। प्रथम पाली में 250 अंकों की 125 आब्जेक्टिव प्रश्न पूछे गए थे। वहीं द्वितीय पाली में भी 200 अंकों के छह सब्जेक्टिव प्रश्न थे। प्रथम पत्र में एक तिहाई निगेटिव मार्किंग का प्रावधान था। इस पत्र में साइंस से 20 प्रश्न, मैथ से करीब 15 प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षार्थी स्टेटमेंट से पूछे गए आठ प्रश्न से अधिक परेशान थे। प्रथम पेपर में क्वालिफाई करने के बाद ही द्वितीय पत्र जांच होगी।

---

ज्वलंत मुद्दों पर थे निबंध

द्वितीय पत्र में छह टॉपिकों पर निबंध थे जिसमें चार पर तीन-तीन सौ शब्दों में लिखना था। सभी टॉपिक वर्तमान परिप्रेक्ष्य में वैसे ज्वलंत मुद्दों पर थे जिस पर देश में बहस चल रही है। निबंध में 1. धार्मिक कट्टरता जन्य नागरिक अपराध, संविधान के अंतर्गत दंडनीय 2. कृषि संबंधी छूट लोकलुभावन एवं अदूरदर्शी नीतिगत परिवर्तन आवश्यक 3. आर्थिक विकास से खुशहाली की ओर, एक प्रतिमान परिवर्तन 4. आरक्षण नागरिक गतिशीलता का दमन करता है। 5. अकर्मण्य संसद, प्रजातंत्र में एक अस्वस्थ प्रवृति 6. शिक्षा में नवोनमेष उन्मुख दृष्टिकोण को प्रोत्साहन थे। ग्रामर में भ्वाइस, क्वेश्चन टैग, सेंटेंस ट्रांसफार्मेशन, प्रीपोजीशन, कंजक्शन, रिफ्लेक्टिव प्रोनाउन, कॉमन इरर आदि से प्रश्न थे। साथ ही भारतीय संविधान, प्रजातंत्र व शिक्षा व्यवस्था पर कंप्रीहेंसन था।

----

नोट बैन व स्टार्टअप इंडिया पर प्रश्न

डिबेट में प्राइवेसी इज एन इलिटिस्ट आइडिया व नोट बैन इफेक्टिव टूल अगेंस्ट ब्लैक मनी पर पक्ष या विपक्ष में लिखना था। छात्र संघ चुनाव व फेसबुक द्वारा डाटा लीक मामला पर रिपोर्ट लिखना था। प्रथम पत्र में कुछ प्रश्न थे- यदि भारत में किसानों के कर्ज छोड़ दिए जाते हैं, तो यह अर्थव्यवस्था में समग्र मांग को किस तरह प्रभावित करेगा? स्टार्टअप इंडिया हब प्रश्नों को समाधान करने और स्टार्टअप को मार्गदर्शन देने के लिए कब क्रियाशील किया गया था।

By Jagran