रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड में चीन की मोबाइल कंपनियों के निवेश की संभावनाएं प्रबल हो रही हैं। बीते दिनों पांच दिन की लंबी यात्रा के बाद चीन से रांची लौटे मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उम्मीद जताई है कि चीन की मोबाइल कंपनियां झारखंड में निवेश करें तो उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री इसके प्रति इच्छुक हैं और उन्होंने कहा कि झारखंड का माहौल किसी भी व्यवसाय के लिए बेहतर है। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तमाम संसाधन यहां उपलब्ध हैं जो राजनीतिक स्थिरता और विधि-व्यवस्था माहौल में चार चांद लगा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मजदूरों की कोई समस्या नहीं है और औद्योगिक इलाकों की शांति आदर्श स्थिति बनाती है। कहीं किसी उद्योग में तालाबंदी नहीं होती तो मानव दिवस का नुकसान भी नहीं होता। उद्योग विभाग ने नई कंपनियों के लिए लैंड बैंक का भी प्रबंध किया है। सीएम ने फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को आकर्षित करने की भी इच्छा प्रकट की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं। झारखंड की ओर से ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट में भाग लेने के लिए हेनान प्रांत के अधिकारियों और व्यवसायियों को आमंत्रित भी किया गया है। 29 एवं 30 नवंबर को रांची में आयोजित इस समिट से प्रदेश में कृषि, वानिकी एवं पशुपालन को बढ़ावा देने का उद्देश्य है। इससे हेनान और झारखंड के बीच पारस्परिक संबंध और मजबूत होंगे।

अमर बाउरी, सीपी सिंह एवं नीलकंठ सिंह मुंडा के साथ चीन की यात्रा करके लौटे मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि भारत और चीन के परस्पर संबंध बहुत ही प्रगाढ़ रहे हैं और चीन बौद्ध धर्म के माध्यम से झारखंड से जुड़ा हुआ है। सीएम ने उम्मीद जताई है कि चीन की कंपनियां आने वाले दिनों में झारखंड में निवेश करेंगी। इस दौरान उन्होंने वहां के मंत्री सोंग ताओ को झारखंड आने का निमंत्रण दिया।