रांची, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 2022 तक सभी बेघरों तथा कच्चे मकानों में रहने वालों को मकान के साथ-साथ पाइपलाइन के सहारे पानी उपलब्ध कराने का दावा किया है। वे मंगलवार को पुराने जेल परिसर में आयोजित नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 532.94 करोड़ रुपये की शहरी विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।

इनमें विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों के लिए 266.81 करोड़ रुपये से प्रस्तावित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की 4462 इकाइयां तथा 266.13 करोड़ रुपये की रांची पेयजलापूर्ति योजना फेज -2 शामिल हैं। इस बीच, उन्होंने 1,609 परिवारों को आशियाना उपलब्ध कराने का आवंटन पत्र सौंपा। साथ ही, रांची में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 180 फ्लैट का उद्घाटन किया। इससे पूर्व उन्होंने करमटोली तालाब का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबतक गरीबों के नाम पर सिर्फ राजनीति हुई है।

उनकी बुनियादी जरूरतों की ओर ध्यान देना किसी ने उचित नहीं समझा। इससे इतर, जब 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, उनकी हर योजना का फोकस प्वाइंट गरीब व्यक्ति रहा। उन्होंने कहा कि इसी नक्शे कदम पर चलते हुए झारखंड सरकार ने आवास निर्माण की विभिन्न योजनाओं के तहत 10 लाख, 44 हजार 721 गरीबों को आशियाना उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि तालाब, सड़क, नदी-नाले के किनारे झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वालों को सरकार अब पक्का मकान उपलब्ध करा रही है।

उजाडऩे से पहले उन्हें बसा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं का दर्द समझा और घर-घर में शौचालय बनवाए। अब पहाड़ों पर पानी पहुंचा रही है। डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड के 1000 करोड़ रुपये जलापूर्ति पर ही खर्च हो रहे हैं। पुराने जेल परिसर में बनाए गए प्रधानमंत्री आवास के पास ही सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे, जहां वहां के वाशिंदे शादी-विवाह जैसे अन्य आयोजन कर सकेंगे। इसी तरह, डेढ़ करोड़ की लागत से करमटोली तालाब के निकट धुमकुडिय़ा भवन बनाए जाएंगे, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले आदिवासियों का ठिकाना होगा।

एक-दो दिनों में ही इसका शिलान्यास होगा। हर गांव में मांझी स्थान का निर्माण कराया जाएगा। गरीब गरिमा के साथ जीवन यापन करें, सरकार का यह लक्ष्य है। इससे पूर्व उन्होंने सांकेतिक तौर पर रांची, जमशेदपुर तथा आदित्यपुर के पांच-पांच लाभुकों को उनके आवास के कागजात सौंपे। नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने इस दौरान कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में कुल 2.47 लाख ऐसे परिवार चिह्नित किए गए हैं, जो या तो बेघर हैं अथवा वे कच्चे मकान या फिर झुग्गी-झोपडिय़ों में रहते हैं।

केंद्र ने अबतक 1.88 लाख आवासीय इकाइयों के निर्माण की स्वीकृति दी है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी चार घटकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। राज्यसभा सदस्य महेश पोद्दार, लोकसभा सदस्य संजय सेठ, रांची की मेयर आशा लकड़ा, आदित्यपुर नगर निगम के मेयर विनोद श्रीवास्तव, नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह, रांची के नगर आयुक्त मनोज कुमार आदि इस समारोह के गवाह बने।

हम उजाड़ते नहीं, विपक्ष को गिफ्ट करेंगे पावर का चश्मा : सीपी सिंह

नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि लोगों को आवास चाहिए, पानी चाहिए, पार्क चाहिए उस निमित्त काम हो रहा है। वर्तमान सरकार के पास विजन है, इच्छा शक्ति है, निर्णय लेने की क्षमता है, ये योजनाएं उसका प्रतिफल है। वर्तमान सरकार किसी को उजाड़ती नहीं है, बल्कि उनका पुनर्वास करती है। एचईसी क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले आठ हजार परिवारों के लिए एचईसी से समझौता कर फ्लैट निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

इस बीच, उन्होंने बगैर नाम लिए झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के प्रमुख बाबूलाल मरांडी पर तंज कसा। कहा कि सरकार बनाने की बात करने वाले पहले यह सोचें कि वे जीत सकेंगे। अगर जीत भी गए, तो सरकार बनाने के लायक विधायकों को जीता सकेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विकास नहीं दिखता। विपक्षी दलों को पावर वाला चश्मा गिफ्ट करेंगे।

कहां बनेंगे कितने प्रधानमंत्री आवास

रांची के बनहौरा में 180 व बजरा में 477, देवघर के मोहनपुर में 665, मेदिनीनगर के अघोरी आश्रम में 240, दुमका के दुधानी में 160 ,मधुपुर के नवाडीह में 120, पाकुड़ के देवपुर में 360, हजारीबाग के मदाइखुर्द में 300 आवास बनाए जाएंगे। इसी तरह, कोडरमा के भोलाकली में 90, जामताड़ा में 40, मिहिजाम के बुतबरिया में 440, गढ़वा के सोनपुरवा में 400, रांची के बुंडू के टंगारटोली में 80 और गिरिडीह के करहारबाड़ी में 190 (कुल 4462) आवासों का निर्माण होगा।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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