रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। मुख्यमंत्री रघुवर दास और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन एन टाटा ने शनिवार को कांके स्थित रिनपास परिसर में विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले रांची कैंसर अस्पताल सह रिसर्च सेंटर (स्टेट ऑफ द आर्ट कैंसर केयर हॉस्पिटल) की आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि दो साल बाद राज्य के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए मुंबई, कोलकाता या दूसरा राज्य नहीं जाना पड़ेगा।

उन्हें राजधानी रांची में ही इलाज की विश्वस्तरीय सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा, रांची में कैंसर अस्पताल खोलने का उनका सपना था। मोमेंटम झारखंड के दौरान रतन टाटा ने रांची में कैंसर अस्पताल खोलने का आश्वासन उन्हें दिया था जिसे आज पूरा किया। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने रतन टाटा से राज्य की 1000 पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए सहयोग करने का अनुरोध किया। कहा, इसमें 50 फीसद राशि टाटा दे, जबकि इतनी ही राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

उन्होंने टाटा से कोल्हान प्रमंडल खास कर चाईबासा में स्ट्रीट लाइट लगाने तथा आयुष्मान भारत योजना से जुडऩे का भी अनुरोध किया। कहा, राज्य सरकार, जनता तथा कारपोरेट पावर मिलकर राज्य में गरीबी समाप्त करने का काम करे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पद्म विभूषण रतन एन टाटा ने कहा कि नार्थ-ईस्ट  व पूर्वी राज्यों में कैंसर की बड़ी समस्या है।

इस कैंसर अस्पताल में 50 प्रतिशत बेड झारखंड के मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे। बीपीएल परिवारों के वैसे मरीज जो केंद्र या राज्य सरकार की बीमा योजना या लोक स्वास्थ्य योजना से कवर होंगे, उन्हें अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें आयुष्मान भारत के लाभुकों का भी निश्शुल्क इलाज होगा। अन्य मरीजों को सीजीएचएस दर पर मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

यह अस्पताल यहां के कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगा। उन्होंने कहा, लाखों लोग कैंसर से मर जाते हैं। लाखों का घर-बार बिक जाता है। समय पर ही कैंसर की पहचान हो जाए और समुचित इलाज मिले तो इससे बचा जा सकता है। कहा, अस्पताल के निर्माण का टास्क आसान नहीं है लेकिन उन्हें विश्वास है कि टाटा ट्रस्ट इस लक्ष्य को पूरा कर पाएगा।

उन्होंने इस अस्पताल के निर्माण में मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में अस्पताल के निर्माण व संचालन को लेकर राज्य सरकार तथा टाटा ट्रस्ट के बीच करार हुआ। राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी तथा टाटा ट्रस्ट की ओर से ट्रस्टी आर वेंकेट रमण ने एमओयू हस्तांतरित किए। इस मौके पर सांसद रामटहल चौधरी, महेश पोद्दार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के निदेशक कृपानंद झा आदि उपस्थित थे।

टाटा का 80 फीसद लाभांश जन कल्याण में खर्च : मुख्यमंत्री ने इस मौके पर टाटा स्टील तथा टाटा मोटर्स के कार्यों की काफी प्रशंसा की। कहा, टाटा घराना ही एकमात्र औद्योगिक घराना है जो अपने लाभांश की 80 फीसद राशि जनहित में खर्च करता है। सौ साल से चली आ रही इस परंपरा को आज भी निर्वाह करना बड़ी बात है। दूसरे औद्योगिक घरानों को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, वे भी टाटा में मजदूर थे। इस लिहाज से वे भी टाटा के परिवार के ही हैं। जिस सोच के साथ टाटा पूरे देश में कैंसर अस्पताल खोल रही है, उसी सोच के तहत वे भी रांची में कैंसर अस्पताल खोलना चाहते थे। इनके द्वारा जमशेदपुर स्थित कैंसर अस्पताल को भी अपग्रेड किया जा रहा है।

डॉक्टरों को फिर पढ़ाया ईमानदारी से काम करने का पाठ : मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सरकारी डॉक्टरों को ईमानदारी से काम करने का पाठ पढ़ाया। कहा, सरकारी डॉक्टर अस्पताल नहीं जाते और प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। डॉक्टर धन कमाएं, लेकिन गरीबों का कल्याण भी करें। उनकी आह न लें। भगवान ने उन्हें डॉक्टर बनाया, जिसकी गरिमा का ख्याल रखें। उन्होंने मातृ व शिशु मृत्यु कम करने में सहिया की भूमिका की सराहना करते हुए पूछा कि वे ईमानदारी से काम कर सकती हैं तो डॉक्टर क्यों नहीं?

आयुष्मान भारत के तहत भी होगा इलाज : स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने इस अवसर पर कहा कि इस विश्वस्तरीय कैंसर अस्पताल में आयुष्मान भारत के तहत भी मुुफ्त इलाज होगा। उन्होंने अगले साल अप्रैल माह से तीन नए मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने व देवघर एम्स में ओपीडी सेवा शुरू करने की बात कही।

छह फीसद सीएसआर पर करते खर्च : कार्यक्रम में टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रण ने कहा कि कंपनी का कम्युनिटी के साथ लगातार अच्छा संबंध रहा है। कंपनी लाभ की छह फीसद राशि सीएसआर पर खर्च करती है।

रांची बनेगा मेडिकल हब : मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने  कहा कि रांची मेडिकल हब के रूप में विकसित होने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कैंसर अस्पताल के निर्माण के लिए टाटा ट्रस्ट की सराहना की।

फैक्ट फाइल : - 23.5 एकड़ जमीन में होगा विश्व स्तरीय कैंसर अस्पताल का निर्माण। - 302 बेड के कैंसर अस्पताल का होगा निर्माण। - 28 बेड की आइसीयू होगी कैंसर अस्पताल में ।- 14 ऑपरेशन थियेटर होंगे इसमें। - 50 फीसद बेड झारखंड के मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे। - 1.1 लाख कैंसर रोगी हैं झारखंड में।

Posted By: Alok Shahi

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