रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड के सरकारी प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक बच्चों को मल्टीमीडिया के माध्यम से बच्चों का पठन-पाठन करा सकें, इसे लेकर राज्य सरकार उन्हें एक बार फिर टैब देगी। शिक्षक इसके माध्यम से राज्य सरकार द्वारा तैयार किए जा रही डिजिटल शैक्षणिक सामग्री का लाभ भी न केवल अपनी शिक्षण क्षमता के विकास में लगाएंगे, बल्कि बच्चों तक भी पहुंचाएंगे। टीचर रिसोर्स पैकेज के तहत कुल 15,762 प्राथमिक स्कूलों के 28,945 शिक्षकों को टैब देने की तैयारी है।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस पैकेज के लिए स्कूलों का चयन कर लिया है। प्रति टैब दस हजार रुपये खर्च होंगे। इसके लिए कुल 28.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इसमें 60 प्रतिशत राशि समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार देगी, जबकि शेष राशि का वहन राज्य सरकार करेगी। टैब का क्रय राज्य स्तर पर किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

पूर्व में भी झारखंड के शिक्षकों को मिले थे टैब

पिछली सरकार में भी शिक्षकों को आइसीटी याेजना के तहत टैब दिए गए थे। शिक्षक इस टैब के माध्यम से न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज करते थे, बल्कि विभाग को अन्य रिपोर्ट भी भेजते थे। हालांकि सरकार बदलने के बाद उसका उपयोग लगभग नहीं के बराबर हो गया। दरअसल, उक्त टैब में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का एक वीडियो टैब के निर्माण के समय ही डाल दिया गया था। टैब खोलते ही उसमें उनका एक संदेश आता था। काफी प्रयास के बाद भी उक्त वीडियो नहीं हट सका, क्योंकि उसे हटाने में काफी खर्च आ रहा था। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के पदाधिकारियों के अनुसार, उक्त टैब के कई साफ्टवेयर के लाइसेंस की अवधि खत्म हो गई है।

शिक्षा के बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करेंगे शिक्षक

राज्य सरकार शिक्षकों को एक्सपोजर विजीट पर भी भेजेगी। इसके लिए प्रत्येक जिले से 15-15 कुल 360 का चयन किया गया है। ये उन राज्यों का भ्रमण कर बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करेंगे, जहां शिक्षा में बेहतर काम हुआ है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसपर 36 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है।

Edited By: M Ekhlaque