विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एक और वेतन घोटाला CID के रडार पर, खूंटी SIRB-2 से 22.46 लाख की अवैध निकासी; मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Published: Wed, 15 Jul 2026 07:30 AM (IST)

खूंटी के एसआइआरबी-2 बटालियन से 22.46 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले की जांच सीआईडी ने अपने हाथ में ...और पढ़ें

खूंटी एसआइआरबी-2 बटालियन अवैध वेतन निकासी मामला: सीआईडी ने संभाली जांच।

खूंटी एसआइआरबी-2 बटालियन अवैध वेतन निकासी मामला: सीआईडी ने संभाली जांच।

HighLights

  1. CID ने खूंटी एसआइआरबी-2 अवैध वेतन निकासी मामले की जांच संभाली।

  2. 22.46 लाख रुपये की अवैध निकासी, मुख्य आरोपित लेखापाल गिरफ्तार।

  3. झारखंड में सातवां जिला, जहां CID ने ऐसा मामला रजिस्टर किया।

राज्य ब्यूरो, रांची। खूंटी के स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन-2 (एसआईआरबी-2) में 22.46 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले की जांच अब सीआईडी करेगी। खूंटी थाने में दर्ज प्राथमिकी को टेकओवर करते हुए सीआईडी ने 13 जुलाई को कांड संख्या 15/2026 के रूप में केस दोबारा दर्ज (री-रजिस्टर) किया है।

इस मामले में मुख्य आरोपित लेखापाल सिपाही शुभम कुमार पहले ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है, जबकि उसका सहयोगी सिपाही अजीत कुमार अब भी फरार है।

खूंटी के स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन-2 (एसआईआरबी-2), जिसे विशिष्ट इंडिया रिजर्व (आदिम जनजाति) बटालियन-2 भी कहा जाता है, में जिला कोषागार से 22.46 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया है।

इससे पहले बोकारो, हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), रांची, रामगढ़ और देवघर में भी इसी तरह के मामलों की जांच सीआईडी को सौंपी जा चुकी है। खूंटी थाने में 21 मई 2026 को कांड संख्या 72/26 के तहत कोषागार पदाधिकारी शिव कुमार सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अब इस मामले को सीआईडी ने टेकओवर कर विधिवत अनुसंधान शुरू कर दिया है।

प्रारंभिक जांच में मुख्य आरोपित लेखापाल सिपाही शुभम कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसका सहयोगी सिपाही अजीत कुमार अभी फरार है। सीआईडी अब दोनों आरोपितों के अलावा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।

जांच में सामने आया है कि शुभम कुमार ने अस्थायी आईडी बनाकर वर्ष 2019 से 2021 के बीच करीब 28 बार में 22.46 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी की और राशि विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित की।

खूंटी सातवां जिला, जहां सीआईडी ने संभाली जांच

जिला कोषागार से अवैध वेतन निकासी के मामलों में खूंटी सातवां जिला है, जिसका केस सीआईडी ने टेकओवर किया है। इससे पहले बोकारो, हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), रांची, रामगढ़ और देवघर के मामले भी सीआईडी को सौंपे जा चुके हैं।

बोकारो में 11 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले में चार आरोपितों के खिलाफ सीआईडी आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। हजारीबाग में करीब 31 करोड़ रुपये की निकासी मामले में छह आरोपितों के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर हो चुका है।

वहीं, पश्चिमी सिंहभूम में कंप्यूटर डेटा से छेड़छाड़ कर 27 लाख रुपये की निकासी के मामले में चार आरोपित गिरफ्तार किए गए थे, जिनके खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

रांची, रामगढ़ और देवघर के मामलों की भी जांच कर रही है CID

रांची और रामगढ़ में पशुपालन विभाग तथा देवघर में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अवैध वेतन निकासी मामलों की जांच भी सीआईडी कर रही है।

रांची में पशुपालन विभाग के कांके स्थित एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन संस्थान के वेतन मद से कुबेर पोर्टल में कथित छेड़छाड़ कर 2.94 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में मुख्य लेखापाल मुनिंद्र कुमार गिरफ्तार हो चुका है, जबकि उसका सहयोगी संजीव कुमार फरार है।

रामगढ़ में पशुपालन विभाग से जुड़े 35 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला भी सीआईडी के पास है। वहीं, देवघर के सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 99.06 लाख रुपये के गबन के मामले में तत्कालीन लेखा लिपिक सविता कुमारी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच भी सीआईडी कर रही है।