रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड के लातेहार जिले के गारू थाना क्षेत्र स्थित पीरी जंगल में 12 जून की सुबह हुई गोलीबारी में एक ग्रामीण युवक की मौत मामले में गोली चलाने वाले जवान पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होगा। पूरे प्रकरण की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) करेगी। इसे लेकर पुलिस मुख्यालय के स्तर पर सहमति लगभग बन गई है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि जांच में जवान की लापरवाही साबित होने पर ही उस पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होगा।

फिलहाल इस मामले में लातेहार के गारू थाने में पांच ग्रामीणों के खिलाफ आर्म्स एक्ट व वन अधिनियम से संबद्ध धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिनपर प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें रघुनाथ सिंह, राजेश्वर सिंह, दीनानाथ सिंह, गोविंद सिंह व सुकूलदेव सिंह शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव के युवक हथियार लेकर शिकार खेलने गए थे।

शिकार के लिए गोली चलाने पर दूसरी तरफ से आ रहे जवानों ने उन्‍हें नक्सली समझ लिया और गोली चला दी। इसमें मौके पर ही एक युवक ब्रह्मदेव सिंह की मौत हो गई थी। वह पीरी गांव का ही रहने वाला था। गोलीबारी में एक अन्य युवक दीनानाथ सिंह जख्मी हो गया था। ग्रामीणों पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से अपने पास हथियार रखा और प्रतिबंधित क्षेत्र में शिकार के लिए गोली चलाई।

पुलिस टीम को नाश्ता करता देख भागे थे युवक

ग्रामीणों ने बताया कि पीरी गांव के छह लड़कों की टोली भरठूआ बंदूक के साथ खरहा या जंगली सूअर का शिकार करने निकली थी। पहाड़ी पर पुलिस टीम नाश्ता कर रही थी। तभी युवकों की नजर पुलिस टीम पर पड़ी तो वे भाग कर अपने घर आ गए। इसके बाद पुलिस टीम युवकों को घर से आकर पूछताछ करने की बात बोलकर ले गई। इसके बाद ब्रहमदेव को जंगल में ले जाकर गोली मार दी। हालांकि ग्रामीणों की इस बात से पुलिस पदाधिकारियों ने पूरी तरह इन्कार किया है।

Edited By: Sujeet Kumar Suman