रांची, राज्य ब्यूरो। रांची के बरियातू स्थित हाई क्यू इंटरनेशनल स्कूल में 13 सितंबर 2013 को हुई दसवीं की छात्रा विदिशा राय हत्याकांड का चैप्टर क्लोज हो गया। लोकायुक्त के आदेश पर पूरे मामले की जांच कर रही सीआइडी ने प्राथमिकी के दोनों नामजद आरोपितों को क्लीन चिट दे दी है। सीआइडी ने इस कांड की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआइटी) की रिपोर्ट से लोकायुक्त कार्यालय को अवगत कराया गया है।

एसआइटी की रिपोर्ट के अनुसार अब तक के अनुसंधान में यह मामला पूरी तरह खुदकशी का है। भविष्य में भी किसी तरह के साक्ष्य की उम्मीद नहीं है। यही कारण है कि केस के अनुसंधानकर्ता ने भारतीय दंड विधान (भादवि) की धारा 302, 34 में तथ्य की भूल बताते हुए न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन दाखिल कर दिया है।

विदिशा राय चतरा के सदर थाना क्षेत्र के जतराहीबाग विभा गली की मूल निवासी थी। उसके पिता विकास कुमार राय के बयान पर ही बरियातू थाने में स्कूल के चेयरमैन हरिनारायण चतुर्वेदी उर्फ हरीश संकृत्यायन व प्रशासनिक पदाधिकारी सुभाष कृपेकर के खिलाफ एकजुट होकर एक साजिश के तहत हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

एसआइटी की जांच में ये तथ्य सामने आए

  1. मृतका के जिस कमरे में फांसी लगाए जाने की बात सामने आई थी, उसमें बेड से पंखे की ऊंचाई 4.1 फीट है। कमरे में टेबल-कुर्सी नहीं होने के बावजूद यदि कोई आत्महत्या करना चाहे तो वह कर सकता है।
  2. स्कूल में दुपट्टा की अनुमति नहीं है, लेकिन हॉस्टल में छात्राएं अपने-अपने पसंद का कपड़ा या दुपट्टा रख सकती हैं। विदिशा ने खुदकशी में दुपट्टे का इस्तेमाल किया था।
  3. बरियातू थाने में जब्त दुपट्टा नहीं मिलने पर दोषी मालखाना पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
  4. फांसी लगने से गले में पड़े निशान पर उठे सवाल का फॉरेंसिक विशेषज्ञ ने जवाब दिया। बताया कि खुदकशी में भी ऐसे निशान संभव हैं।
  5. विदिशा के किसी पुरुष मित्र के बारे में कोई साक्ष्य नहीं मिले।
  6. फॉरेंसिक जांच में विदिशा के शरीर में जहरीले पदार्थ की पुष्टि हुई थी। सहेलियों ने पूछताछ में बताया कि वह तनाव में थी। हो सकता है, उसने स्वयं जहरीला पदार्थ खरीदा हो।
  7. घटना के दिन स्कूल के चेयरमैन दिल्ली में थे। छानबीन में पता चला कि छात्रा के पिता को एक व्यक्ति ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भड़काकर केस करवाया। यह वही आदमी है, जिसने स्कूल प्रबंधन से अस्पताल खोलने के नाम पर वर्ष 2012 में 25 लाख रुपये लिए थे, लेकिन नहीं लौटाया।
  8. प्राथमिकी में नामजद दोनों आरोपितों चेयरमैन हरि नारायण चतुर्वेदी व सुभाष कृपेकर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले।

यह है मामला

विदिशा राय हाई क्यू इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा दस में पढ़ती थी। वह स्कूल परिसर में ही स्थित गल्र्स हॉस्टल के कमरा नंबर 15 में रहती थी। 13 सितंबर 2013 को दिन के करीब 12 बजे उसे स्कूल प्रबंधन ने गंभीर हालत में उसे रिम्स पहुंचाया था, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। तब प्रबंधन ने दावा किया था कि विदिशा हॉस्टल में पंखे से लटकी मिली थी।

इतना होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने मृतका के पिता को केवल इतना बताया था कि विदिशा की तबीयत खराब है। जब परिजन पहुंचे तो विदिशा को मृत पाया था। इसके बाद बरियातू थाने में विदिशा के पिता चतरा के जतराही बाग निवासी विकास कुमार राय ने स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी सुभाष कृपेकर व स्कूल के चेयरमैन हरिनारायण चतुर्वेदी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

Posted By: Alok Shahi

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