रांची, जागरण संवाददाता: युवाओं की बदल रही लाइफस्टाइल उन्हें बीमारियों के जाल में फंसा रही है। आज युवा सबसे अधिक मधुमेह यानी सुगर की बीमारी से ग्रसित हैं। दैनिक जागरण से बात करते हुए डॉ. ढनढानिया ने कहा कि यदि मधुमेह से बचना है तो सबसे पहले समय पर बैलेंस डाइट लें, साथ ही हर दिन कम से कम एक घंटे वाक करें और नियमित व्यायाम व योगा करें।

उन्होंने कहा कि प्रयास होना चाहिए कि दिन भर में अनाज एक बार लिया जाए और कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ विटामीन, प्रोटिन, मिनरल्स की भी थाली में मात्रा शामिल हो। उन्होंने बताया कि झारखंड में मधुमेह बीमारी से सबसे अधिक शहरी क्षेत्र के 13-15 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र से 3-5 प्रतिशत लोग ग्रसित हैं।

उन्होंने कहा कि शुगर के बाद जोड़ों में दर्द जैसी समस्या को न्यूरापैथी कहते हैं। इसका इलाज संभव है। अगर मधुमेह रोगी का शुगर लेवल बढ़ा हुआ है तो यह समस्या देखने को मिलती है। न्यूरोपैथी के 80 प्रतिशत लक्षण डेढ़ से दो माह में ठीक हो जाते हैं। इसके लिए लगातार संयमित खानपान, व्यायाम और बताए गए दवा समय पर लेना होता है।

क्या मधुमेह बीमारी अनुवांशिक है इस प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि मधुमेह बीमारी अनुवांशिक है यदि माता-पिता को शुगर है तो बच्चे को शुगर होने की संभावना 70 से 100 प्रतिशत तक हो सकती है। इसके अलावा माता-पिता में किसी को भी शुगर है तो बच्चे को शुगर होने की संभावना 30 प्रतिशत तक होती है। हालांकि इससे बचा जा सकता है, यदि खानपान सही किया जाए, शारीरिक परिश्रम बढ़ाया जाए, बच्चे को किसी ना किसी फिजिकल एक्टिविटी से जोड़ा जाए तो शुगर से बचा जा सकता है। इन सब में जरूरी है कि भोजन समय पर हो और उतना ही खाए जितना जरूरी हो।

क्या शुगर की दवा जरूरी है और क्या इसे हमेशा खाना पड़ता है? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए डॉ. ने ढनढानिया ने कहा कि शुगर को हल्के में कभी ना लें। इस बीमारी से किडनी, आंख, लीवर, हार्ट संबंधी समस्या हो सकती है। इसे बचने के लिए जरूरी है कि शुगर कंट्रोल में रहे।

इसे कंट्रोल में रखने के लिए दवा जरूरी है और यह दवा हमेशा शुगर लेवल के हिसाब से लेते रहना होता है। शुगर की दवा लेने से कोई साइड इफैक्ट नहीं है, बल्कि दवा से ही शुगर को नियंत्रित रखा जा सकता है। साथ ही भोजन में नियंत्रण, व्यायाम भी जरूरी है। इसके अलावे हर माह शुगर की जांच कराए व बीपी की भी जांच कराते रहें।

शुगर से कैसे बचा जा सकता है? इस पर डॉ. ने कहा कि शुगर से बचने के लिए कोई जादू की जरूरत नहीं है। समय पर भोजन करें और सुबह उठने के बाद मैदान में एक घंटे पसीना बहाए। अपने जीवनशैली में परिवर्तन कर ना सिर्फ शुगर, बल्कि बीपी व अन्य बीमारियों से भी बचा जा सकता है। चार चीज अपनाकर मधुमेह से बचा जा सकता है। इसमें रोज रात 10 बजे सोने की आदत डालें, पांच बजे सुबह उठें, एक से दो घंटे व्यायाम, दौड़, वाक, योगा आदि कर पसीना बहाए और नास्ता, दिन व रात का भोजन समय पर करें व हल्का करें।

Edited By: Mohit Tripathi

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