रांची, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह ने रविवार को रांची के रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मरीजों के परिजनों के लिए बनाए जा रहे 245 बेड के विश्राम सदन की आधारशिला रखी। विश्राम सदन का निर्माण केंद्रीय ऊर्जा विभाग के उपक्रम पावर ग्र्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से किया गया है। इस मौके पर केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हर वर्ग के विकास के लिए कृतसंकल्पित है।

इसके लिए सभी क्षेत्र में जनसुविधाएं बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में घर-घर बिजली पहुंच गई है। अब बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काम चल रहा है। अब पूरे देश में 24 घंटे बिजली दी जा सके यह सुनिश्चित किया जा रहा है। यह सिर्फ कहने की बात नहीं बल्कि अगर लोड शेडिंग हुई तो सरकार उपभोक्ता को हर्जाना भी देगी।

100 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था करें

केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह ने रिम्स की जरूरत को देखते हुए विश्राम सदन में 100 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि 100 बेड के विश्राम सदन निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध करा दिया गया है। केंद्र सरकार इसकी अनुमति पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को देती है। केंद्र सरकार वैसे स्थानों पर विश्राम स्थल बनाने पर जोर दे रही है, जहां गरीब मरीजों का अधिक संख्या में आना होता है।

इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, रांची के सांसद संजय सेठ, कांके विधायक जीतू चरण राम, स्वास्थ्य सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी, पावर ग्रिड कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड के सीएमडी रवि प्रकाश सिंह आदि उपस्थित थे।

रिम्स हमारी गौरव, राज्य का मुकुट

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि रिम्स हमारा गौरव और झारखंड का मुकुट है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त संस्थान के तौर पर रिम्स अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। सीएम रविवार को प्रशासनिक भवन, ट्रामा सेंटर और छात्राओं के लिए निर्मित हॉस्टल का उद्घाटन करने के बाद रिम्स आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए 245 बेड के विश्राम सदन की आधारशिला रखने के क्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिम्स में गरीब मरीज इलाज कराने आते हैं तो उनके परिजनों के रहने का कहीं कोई इंतजाम नहीं है। मरीज के परिजनों को होटल या किराए में आश्रय लेना महंगा पड़ता है और इसलिए उनकी पीड़ा कम करने के उद्देश्य से ही विश्राम सदन बनवाया जा रहा है जो गरीब मरीजों के परिजनों को समर्पित होगा।

108 एम्बुलेंस सेवा की चर्चित और सफल कहानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि 108 एम्बुलेंस सेवा लगातार सकारात्मक रूप से चर्चा में है और यह जरूरतमंदों को समय पर अपनी सेवा देकर जनकल्याण की कहानी गढ़ रहा है। 108 एम्बुलेंस अबतक करीब 2.5 लाख लोगों को अपनी सेवा दे चुका है। सबसे अधिक लाभ राज्य के गरीब और जनजाति क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है, जिन्होंने अपने जीवन को सुरक्षित किया।

23 सितंबर तक सभी को गोल्डन कार्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना का शुभारंभ झारखण्ड से 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री ने किया था। सरकार ने इस योजना में राज्य के 57 लाख परिवारों को लाभान्वित करने हेतु 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रवधान बजट में किया। अब तक 25 लाख गरीब परिवारों को गोल्डेन कार्ड दिया गया है, करीब 30 लाख परिवार अब भी गोल्डन कार्ड से वंचित हैं। 23 सितंबर 2019 तक राज्य के सभी 57 लाख परिवारों को 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा योजना से आच्छादित कर दिया जाएगा।

300 कृषि फीडर, 60 ग्रिड और 24 घंटे बिजली देने की ओर बढ़े कदम

मुख्यमंत्री ने बताया कि 67 साल में राज्य में मात्र 38 ग्रिड थे। साढ़े 4 साल में राज्य सरकार ने 60 ग्रिड, 257 सब स्टेशन और किसानों के लिए 300 कृषि फीडर के निर्माण की शुरुआत की और कार्य 80 फीसद तक पूर्ण कर चुकी है। दिसंबर 2019 तक 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास सरकार का होगा। सुदूरवर्ती पहाड़ पर निवास करने वाले लोग हों या घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र यथा सारंडा का गुदड़ी, लातेहार का गारू व सरजू या फिर लोहरदगा का पेशरार। सरकार ने इन सभी क्षेत्रों को बिजली से आच्छादित कर दिया है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman