रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने संबंधित सर्वोच्च न्यायालय का डेडलाइन खत्म हुए छह महीने से अधिक हो गए, लेकिन थानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लग सका। थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की जिम्मेदारी झारखंड एजेंसी फॉर प्रोमोशन ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलोजी (जैप आइटी) की है। जैप आइटी को ही यह निर्णय लेना है कि सीसीटीवी कैमरा किसके माध्यम से लगेगा। जैप आइटी अभी प्लान ही बना रही है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक राज्य के लगभग सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे।

जल्द  लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

इधर, भारत सरकार के उपक्रम इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड (ईपीआइएल) ने भी राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर इच्छा जाहिर की है। इस संबंध में ईपीआइएल ने पुलिस मुख्यालय में आइजी प्रोविजन से पत्राचार किया है। बताया है कि उनका कई राज्यों में काम हुआ है और उनका प्रदर्शन बेहतर रहा है। हालांकि, आइजी प्रोविजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की जिम्मेदारी जैप आइटी को है, इसलिए वे जैप आइटी से पूरे मामले में बात करें। झारखंड में कुल 606 थाने हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे लगने हैं। इन 606 थानों में 282 थाने नक्सल प्रभावित हैं। अनुमान लगाया गया है कि यहां कैमरे लगाने पर 100 करोड़ से अधिक की राशि खर्च होगी।

सभी थानों में लगने है सीसीटीवी कैमरे

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने पूरे देश में सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने संबंधित आदेश जारी किया था। कोर्ट ने अपने आदेश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रत्येक थाने में प्रवेश और निकासी के स्थान, मुख्य प्रवेश द्वार, हवालात, सभी गलियारों, लॉबी, स्वागत कक्ष और हवालात कक्ष के बाहर के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे हों। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि थाने में जाने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ पुलिस दुर्रव्यवहार न करे।

Edited By: Madhukar Kumar