CBSE Class 12th Result 2022: सुहाना सिंह व अविनाश नेतरहाट के संयुक्त टापर, दोनों को मिले 95 प्रतिशत अंक
CBSE 12th Result 2022 Topper झारखंड के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी विद्यालय लातेहार स्थित नेतरहाट आवासीय विद्यालय की छात्रा सुहाना सिंह और छात्र अविनाश कुमार सीबीएसई बोर्ड की 12वीं विज्ञान के परिणाम में अपने विद्यालय के संयुक्त टापर बने हैं। दोनों को इस परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक मिले।

रांची, राज्य ब्यूरो। CBSE 12th Result 2022 Topper झारखंड के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी विद्यालय लातेहार स्थित नेतरहाट आवासीय विद्यालय की छात्रा सुहाना सिंह और छात्र अविनाश कुमार सीबीएसई बोर्ड की 12वीं विज्ञान के परिणाम में अपने विद्यालय के संयुक्त टापर बने हैं। दोनों को इस परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक मिले। सुहाना सिंह ने वर्ष 2020 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल की दसवीं की परीक्षा में इसी स्कूल से राज्यभर में चौथा स्थान प्राप्त किया था। छात्राओं की श्रेणी में ये राज्य टापर थीं। उसे 486 (75.2 प्रतिशत) अंक मिले थे। सुहाना नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्राचार्य डा. संतोष कुमार सिंह की पुत्री है। इस विद्यालय से 12वीं की परीक्षा में इस बार कुल 20 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें सुहाना एकमात्र छात्रा थी।
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विज्ञान व कला संकाय के टाप पांच छात्रों में सात छात्र शामिल
पहली बार नेतरहाट विद्यालय के विद्यार्थी सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए थे। कुल 20 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें विज्ञान संकाय के टाप पांच छात्रों में सात छात्र शामिल हैं। वहीं कला संकाय के टाप पांच में इतने ही छात्र शामिल हैं।
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कुल 20 विद्यार्थियों में तीन को 90 प्रतिशत से अधिक अंक
नेतरहाट विद्यालय में कुल 20 विद्यार्थियों में तीन को 90 प्रतिशत से अधिक अंक मिले। इनमें सुहाना के अलावा विज्ञान में ही अविनाश कुमार (95 प्रतिशत) तथा कला में बलवंत कुमार (93 प्रतिशत) शामिल हैं। पांच विद्यार्थियों को 80 से 90 प्रतिशत तथा 11 को 70 से 80 प्रतिशत के बीच अंक मिले हैं। सुहाना सिंह ने संगीत में 100 में 100 अंक प्राप्त किए। वहीं, अविनाश कुमार ने शारीरिक शिक्षा में 100 में 99 अंक प्राप्त किए। बलवंत कुमार को राजनीतिक विज्ञान में 100 में 99 अंक मिले हैं।
परिणाम को संतोषजनक बताते हुए विद्यालय के प्राचार्य ने कहा...
विद्यालय के प्राचार्य डा. संतोष कुमार सिंह ने विद्यालय के परिणाम पर कहा कि पिछले वर्ष कोरोना के कारण बिना परीक्षा विद्यार्थियों को अंक मिले थे। पहली बार सीबीएसई की परीक्षा में विद्यालय के बच्चे शामिल हुए। उन्होंने परिणाम को संतोषजनक बताते हुए कहा कि शिक्षकों की कमी के बाद भी बच्चों का परिणाम बेहतर रहा है। बता दें कि दसवीं के बाद छात्र विद्यालय में टिकते नहीं हैं। इसकी बड़ी वजह वहां शिक्षकाें की कमी है। हालांकि इस वर्ष 70 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है।

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