रांची, जासं। Sachdeva Institute Ranchi fraud लालपुर स्थित सचदेवा इंस्टीट्यूट के छात्रों के नाम से करोड़ों के फर्जी लोन मामले में चर्चे में आए निदेशक राजीव रंजन के फर्जीवाड़े की कलाई परत दर परत लगातार खुल रही है। दिल्ली हाई कोर्ट और तीस हजारी कोर्ट में भी राजीव रंजन के खिलाफ मामले दर्ज हैं। ये मामले न्यू दिल्ली के मूल सचदेवा कॉलेज लिमिटेड ने दर्ज कराए है।

मूल सचदेवा के निदेशक ने बताया कि राजीव रंजन ने सचदेवा के नाम पर रांची में भ्रम पैदा कर उनकी प्रतिष्ठा का लाभ लेकर फर्जीवाड़ा किया है। जबकि रांची में उनकी कोई शाखा नहीं है, राजीव रंजन व उनकी अन्नपूर्णा ट्रस्ट से उनका कोई संबंध नहीं है। वास्तविक सचदेवा ने कहा है कि अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन राजीव रंजन लालपुर में उनके कॉलेज के नाम, वेबसाइट सहित अन्य ब्रांड का इस्तेमाल कर गलत ढंग से फायदा उठा रहे हैं। इसी कड़ी में राजीव रंजन के खिलाफ मूल सचदेवा प्रबंधन की ओर से 24 सितंबर 2018 को दिल्ली हाई कोर्ट और 2 सितंबर 2011 को तीस हजारी कोर्ट में केस दर्ज कराया गया था। जिसमें 13 सितंबर 2019 को कोर्ट की ओर से जांच का आदेश दिया गया है।

लालपुर थाने में तीन एफआइआर हैं दर्ज 

निदेशक राजीव रंजन के खिलाफ लालपुर थाने में अब तक तीन एफआइआर दर्ज किए गए हैं। पहली एफआइआर छात्रा जयंति केरकेट्टा ने दर्ज कराई है। जिसमें गलत ढंग से 68 छात्रों के नाम पर 1.23 करोड़ के लोन लेने का आरोप है। दूसरी एफआइआर रितेश कुमार नाम के छात्र ने दर्ज कराई है। जिसमें आरोप लगाया है कि सचदेवा के निदेशक ने करीब 400 छात्रों का 15 से 16 हजार रुपये लेकर दाखिला लिया। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के नाम पर दाखिला लेकर न कभी क्लास करवाई न ही किसी प्रकार की तैयारी कराई। इसके अलावा उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य प्रमाण पत्र भी रख लिए। इससे पहले अप्रैल महीने में ही रोशन कुमार नाम के व्यक्ति ने 27 लाख ठगी की एफआइआर दर्ज कराई थी।

Posted By: Alok Shahi

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