रांची, राज्य ब्यूरो। लव जिहाद के आरोपित रमजान उर्फ अखिलेश यादव के खिलाफ सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडऩे का मुकदमा चलेगा। इसके लिए हजारीबाग के उपायुक्त ने सरकार से अनुमति मांगी है। रमजान उर्फ अखिलेश यादव पर धर्म छुपाकर शादी करने और बाद में जबरन युवती का धर्म परिवर्तन कराने, प्रतिबंधित मांस खिलाने की कोशिश करने का आरोप है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के मदरा गांव का रहने वाला है।

इस मामले में हजारीबाग जिले के चरही थाने में 18 जून 2019 को पीडि़ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि आरोपित ने अपना नाम अखिलेश यादव बताया था। उसने उसे प्रेम जाल में फांसा व मंदिर में शादी की। इसके बाद पीडि़ता को लेकर रांची के बरियातू स्थित जोड़ा तालाब के पास किराए के मकान में रखा। जब वह बीमार होने पर हजारीबाग में सदर अस्पताल में भर्ती हुआ, तो पीडि़ता भी वहां पहुंची।

तब पीडि़ता को पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है और दूसरे समुदाय से है। इसके बाद उसने पीडि़ता को रांची के ओरमांझी स्थित इरबा में जबरन प्रतिबंधित मांस खिलाने की कोशिश की। अपने मौसा-मौसी की उपस्थिति में उसने जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाया और उसका नाम भी बदलवा दिया।

विरोध करने पर मारपीट भी की। पुलिस की जांच में आरोपित के विरुद्ध मारपीट, धर्मांतरण कराने व गाली-गलौज के आरोपों की पुष्टि के बाद ही एसपी हजारीबाग ने उपायुक्त से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे के मामले में मुकदमा चलाने की अनुशंसा की है। इसके बाद उपायुक्त ने सरकार से इस संबंध में अनुमति मांगी है। मामला राज्य सरकार के गृह विभाग में लंबित है।

Edited By: Sujeet Kumar Suman