रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Mob Lynching - सरायकेला-खरसावां के बहुचर्चित तबरेज अंसारी हत्याकांड के 13 आरोपितों पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे की भारतीय दंड विधान (भादवि) की धारा 295 (ए) में मुकदमा चलाने की तैयारी है। एसपी कार्तिक एस. की अनुशंसा पर सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त ने गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से सभी आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए अनुमति मांगी है। गृह विभाग में इसपर विचार चल रहा है।

तबरेज की हत्या को मॉब लिंचिंग बताया गया था। उसके साथ सरायकेला-खरसावां में धतकीडीह के ग्रामीणों ने चोरी के आरोप में पकड़कर मारपीट की थी। इस मामले में 22 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में दो अन्य के खिलाफ भी पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया था। वैज्ञानिक अनुसंधान में तबरेज की मौत मामले में हत्या की पुष्टि हुई थी।

ये हैं 13 आरोपित, जिनके खिलाफ मांगी गई अभियोजन की स्वीकृति

भीमसेन मंडल, कमल महतो, सुनामो प्रधान, प्रेमचंद्र महली उर्फ मंगला महली, सुमंत महतो, मदन नायक, चामु नायक, महेश महली, कुशल महली, सत्यनारायण नायक, प्रकाश मंडल उर्फ पप्पू मंडल, विक्रम मंडल व अतुल महली।

क्या है भादवि की धारा 295 (ए)

यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण विचार रखते हुए भारत के नागरिकों के किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से कोई लिखित रूप से, उच्चारण से, चित्र द्वारा, संकेतों द्वारा या किसी भी अन्य माध्यम से उस वर्ग के धार्मिक विश्वास का अपमान करेगा या अपमान करने की कोशिश करेगा, यह गैर जमानतीय धारा है। इसमें अपराध साबित होने पर तीन साल तक की सजा या आर्थिक दंड के रूप में जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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