रांची/तुपुदाना, जासं। रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती सजायाफ्ता बिहार पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में तैनात एएसआइ कामेश्वर रविदास की हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस को ही चुनौती दी गई है। पुलिस वालों के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज करा दिया गया है। इसके अलावा राज्य के डीजीपी से भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए झूठे केस में फंसाने का आरोप लगा शिकायत दर्ज कराई गई है। कोर्ट में दर्ज कराए गए केस में हटिया एएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को आरोपित बनाया गया है।

पुलिस पर आरोप है कि अपनी नाकामी को छुपाते हुए निर्दोष को फंसा कर जेल भेज रही है। हटिया एएसपी सहित पुलिस की पूरी टीम ने जल्दबाजी में निर्दोष को फंसा दिया है। पुलिस की ओर से इस मामले में आरोपित बनाए गए अजित तिर्की ‌की पत्नी ललिता तिर्की ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसमें पुलिस पर अपने पति को फंसाने का आरोप लगाया है।

कोर्ट ‌में एएसपी हटिया, थाना प्रभारी धुर्वा, ओपी प्रभारी ने तुपुदाना सहित झारखंड सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है। पीड़ित की ओर से न्यायालय में की गई शिकायत में कहा गया है कि अजीत तिर्की पिछले डेढ़ वर्ष से बीमार हैं। गत 31 जुलाई को सुबह 9:00 बजे उन्हें हत्या के एक मामले में पूछताछ के लिए पुलिस अपने साथ ले गई। परिवार जब अजित से मिलने पहुंचा तो तुपुदाना में गत 31 जुलाई से 2 अगस्त तक मिलने नहीं दिया गया। पत्नी का दावा है कि जिस रात हत्याकांड के घटनाक्रम को अंजाम दिया गया, उस रात में उसका पति उसके साथ था।

गत 2 अगस्त को पुलिस घर में घुसकर आरोपी के कुछ पुराने कपड़े अपने साथ ले गई। आरोप यह भी है कि पुलिस ने पीड़ित के साथ दुर्व्यवहार किया। न्यायालय से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए पत्नी ने अपने पति पर लगाए गए आरोप को झूठा करार दिया है। साथी ही पति की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। कहा है कि उसके पुलिस ने मारपीट कर उसके बीमार पति के साथ अमानवीय कृत्य किया है। लिहाजा मामले में न्यायालय हस्तक्षेप करें।

हत्या करने के बाद 100 फीट गहरे खदान में फेंक दिया था

बिहार के पूर्व सीएम सजायाफ्ता लालू यादव की सुरक्षा में तैनात एएसआइ हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। मामले में एक को गिरफ्तार किया गया है। वहीं घटना में शामिल चार अन्य पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। गिरफ्तार आरोपित तुपुदाना इलाके के बेरमाद निवासी अजित तिर्की हैं। पुलिस के अनुसार 31 जुलाई की रात एएसआइ कामेश्वर पांच अन्य लोगों के साथ बेरमाद महुआटोली स्थित एक स्कूल के बरामदे में शराब पी रहा था। पीने-खाने के बाद किसी बात को लेकर अपराधियों के साथ उनका विवाद हुआ।

इसी दौरान एएसआइ ने अपराधियों के साथ गाली-गलौज कर दी। इसके बाद एक अपराधी ने उन्हें पत्थर से सिर पर मार दिया। इससे वह जमीन पर गिर गए। तब अन्य भी उन्हें पत्थर से मारने लगे। अधमरा करने के बाद अपराधियों ने उन्हे 100 फीट गहरे खदान में फेंक दिया। इसके बाद वहां से भाग निकले। एक अगस्त को एएसआइ का शव खदान से बरामद किया गया। इधर, अन्य चार अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। वहीं पकड़े गए अन्य चार को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया है।

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