रांची, राज्य ब्यूरो। Hemant Soren Close Pankaj Mishra अवैध खनन में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने गुरुवार को नाव यातायात सहयोग समिति लिमिटेड के संचालक हुलास चौधरी व सहयोगी राजीव कुमार चौधरी तथा समिति के मंत्री छोटे लाल चौधरी से पूछताछ की। ईडी ने यह जानने की कोशिश की है कि साहिबगंज में गंगा नदी पर फेरी जहाज संचालन के लिए घाट का टेंडर समिति को मिला था और इसके लिए 5.72 करोड़ रुपये नकदी में किसके कितने रुपये थे। समिति के पास अपना पैन कार्ड भी नहीं है और बिना पैनकार्ड के ही करोड़ों रुपये का कारोबार कर लिया।

ईडी को सूचना- पंकज मिश्रा का काला धन

ईडी को सूचना है कि इस पूरे टेंडर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का ही काला धन उनके सहयोगी फेरी जहाज के संचालक दाहू यादव के माध्यम से लगाया गया है। इस संबंध में ईडी के अधिकारी पूर्व में पंकज मिश्रा के साथ-साथ उनके खास सहयोगी बच्चू यादव से भी पूछताछ की थी, जिसमें इस पूरे रैकेट के बारे में ईडी को जानकारी मिली थी। इधर, ईडी ने छह दिनों तक रिमांड पर पूछताछ के बाद पंकज मिश्रा के दूसरे खास सहयोगी बच्चू यादव को गुरुवार को ईडी की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में भेज दिया गया है। बच्चू यादव से भी पूछताछ में हुलास चौधरी व उनके नेटवर्क के संबंध में कई जानकारी ईडी को मिली है, जिसका सत्यापन किया जा रहा है। बहुत से प्रश्नों पर ईडी को संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। हालांकि, ईडी सूत्रों से सूचना मिली है कि हुलास चौधरी व अन्य से लगातार दूसरे दिन भी ईडी पूछताछ करेगी।

जहाज हादसे के बाद से ही चर्चा में है समिति

इसी वर्ष मार्च में गंगा नदी पर झारखंड के साहिबगंज व बिहार के कटिहार जिले के बीच गंगा नदी में स्टोन चिप्स लदे वाहनों के साथ मालवाहक जहाज के डूबने के बाद से ही नाव यातायात सहयोग समिति लिमिटेड चर्चा में है। तब छानबीन में यह बात सामने आई थी कि फेरी सेवा के लिए इस समिति ने एक साल के लिए 8.52 करोड़ रुपये में टेंडर ली थी। बिहार-झारखंड के बीच एक-एक साल के अंतराल पर रोटेशन के आधार पर टेंडर पर सहमति है। एक साल बिहार तो दूसरे साल झारखंड को टेंडर करना है। इस बार बिहार की बारी थी। कटिहार जिला समाहरणालय में समिति ने सबसे अधिक बोली लगाकर इसी वर्ष 14 मार्च को फेरी सेवा के लिए 8.52 करोड़ रुपये में टेंडर लिया था। इसमें 5.72 करोड़ रुपये नकदी व शेष 2.80 करोड़ रुपये दो डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से दिया था। जिस फेरी सेवा के लिए यह टेंडर हुआ है, वह फेरी सेवा झारखंड के साहिबगंज स्थित समदा घाट से कटिहार के मनिहारी घाट के बीच संचालित होता है। समिति के इसी पैसे के बारे में ईडी जानकारी ले रही है।

Edited By: M Ekhlaque