आदिवासी अधिकार, भ्रष्टाचार और जनसंख्या बदलाव पर आंदोलन करेगी भाजपा, झारखंड सरकार को बताया विफल
भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति ने राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे ...और पढ़ें

भाजपा कार्यसमिति के दूसरे दिन सर्वसम्मति से राजनीतिक प्रस्ताव पारित, राज्य सरकार को बताया विफल।
HighLights
भाजपा ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और वादे पूरे न करने का आरोप लगाया।
आदिवासी अधिकार, भ्रष्टाचार और जनसंख्या बदलाव पर आंदोलन का संकल्प लिया।
बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव पेश किया, पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अनुमोदन किया।
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के सुकुरहुट्टू स्थित हवेली बैंक्वेट हाल में भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे और अंतिम दिन राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। प्रस्ताव में झामुमो गठबंधन सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा में नाकामी, घुसपैठ, खनिज संपदा की लूट और आदिवासियों के उत्पीड़न के आरोप लगाए गए।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव पेश किया और पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और मंजू कुमारी ने इसका अनुमोदन किया। भाजपा ने प्रस्ताव के माध्यम से आदिवासी अधिकार, भ्रष्टाचार, जनसंख्या बदलाव सहित अन्य मुद्दों पर राज्यव्यापी जनजागरण और आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।
जल्द ही राज्यव्यापी आंदोलन के लिए कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। इससे पहले, प्रस्ताव रखते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो ने आदिवासियों की जमीन लूटी। उन्होंने राज्य में विकास कार्य ठप होने, भ्रष्टाचार और कोयला चोरी का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं से विरोध करने का आह्वान किया।
बदलती जनसंख्या संरचना पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे आरक्षण और प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने पंचायत चुनाव कराने और पिछड़ा वर्ग आयोग से जुड़े ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने की भी मांग की।
बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई। दो दिनों के मंथन और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं में नया उत्साह दिखा।
आदिवासियों की जमीन लूटी गई
पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने सरकार पर लूट और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेंशन बंद है, 10 हजार प्राथमिक स्कूलों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और अबुआ आवास तथा हरा राशन कार्ड लाभुकों को नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने संताल परगना में घुसपैठियों के कारण 30 हजार हेक्टेयर से अधिक आदिवासी भूमि पर कब्जे का दावा भी किया। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने सरकार पर लोकतंत्र को लूटतंत्र में बदलने का आरोप लगाया।
प्रस्ताव में कहा गया कि वर्ष 2019 से सत्ता में रही सरकार ने पांच लाख नौकरियां प्रतिवर्ष, बेरोजगारी भत्ता, हर घर सरकारी नौकरी, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण और किसानों को 3,200 प्रति क्विंटल धान समर्थन मूल्य देने के वादे पूरे नहीं किए। भाजपा ने विकास योजनाओं, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन में जवाबदेही की मांग की।
विकसित भारत के संकल्प में झारखंड की भूमिका
कार्यसमिति ने युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में विकसित झारखंड की भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम मन की बात को भी सुना।
नितिन नवीन ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को बताया भाजपा की ताकत
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को कांके विधानसभा क्षेत्र के सुकुरहुटू स्थित बिरसा मंडप अखाड़ा के बूथ संख्या 249 पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात के 139वें संस्करण को सुना। इस दौरान उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के बाद नितिन नवीन ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद किया। उन्होंने पीछे खड़े बूथ अध्यक्ष आकाश कुमार और मंडल अध्यक्ष प्रभात कुमार को बुलाकर अपने पास खड़ा किया। बूथ अध्यक्ष को अपना मालिक बताते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं।
वे प्रधानमंत्री के विचारों, संदेश और जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हैं।नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री की लखपति दीदी योजना का उल्लेख करते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया। कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मिशन मोड में काम कर रहे हैं।
अगली पीढ़ी को शिक्षित करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और बेटियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी समाज के हर व्यक्ति की है। बेटियों को पढ़ाना, आत्मनिर्भर बनाना और आगे बढ़ने के अवसर देना परिवार और समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है।
