पूर्वी भारत का पहला: बीआईटी मेसरा में 100 करोड़ का एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस दिसंबर में होगा शुरू
बीआईटी मेसरा दिसंबर में 100 करोड़ की लागत से पूर्वी क्षेत्र का पहला एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करेगा। यह ...और पढ़ें

एवीआइडीआईए के सहयोग से किया जा रहा है तैयार इसमें रहेगा एआई आधारित साॅफ्टवेयर।
दिवाकर सिंह, रांची। एआई यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय के लिए कोई नया टूल नहीं है, स्कूल से लेकर कालेज और विश्वविद्यालय तक में इसकी मदद से छात्र अपनी पढ़ाई और स्किल को बेहतर बना रहे हैं। वहीं अब बीआईटी मेसरा भी अपने बीटेक के विद्यार्थियों के लिए एआई का सेंटर फॉर एक्सीलेंस तैयार कर रहा है।
ये कोई छोटा या साधारण सेंटर नहीं होगा। 100 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा ये सेंटर ईस्ट जोन का पहला एआई सेंटर फॉर एक्सीलेंस होगा। इसके शुरू होने के बाद बीआईटी के विद्यार्थियों को एआइ से संबंधित सारी चीजें एक ही छत के नीचे मिल जाएंगी। संस्थान के कैंपस में इसके लिए अलग से जगह चिन्हित किया जा रहा है। इसे दिसंबर में शुरू कर दिया जाएगा।
सेंटर फार एक्सीलेंस से विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को फायदा
संस्थान के अनुसार एआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में एनवीडिया बी-200 जीपीयू से लैस आठ हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। यह सुविधा पब्लिक आईपी आधारित एक्सेस के माध्यम से अधिकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी, जिससे शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के साझेदारों को अत्याधुनिक कंप्यूटिंग संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।
इससे बीटेक कर रहे कम्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन और बायोटेक विभाग के विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। बीआइटी मेसरा के 36वें दीक्षा समारोह में कुलपति इंद्रनील मन्ना ने बताया कि संस्थान में 100 करोड़ की लागत से एआइ के सेंटर फार एक्सीलेंस की शुरू किया जा रहा है।
पिछले वर्ष हुआ था एमओयू, दिसंबर में होगा शुरू
संस्थान के रिमोट सेंसिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. कीर्ति अभिषेक ने बताया कि इसके लिए एआइ कम्यूटिंग में दुनिया की अग्रणी कंपनी एनवीडिया से बीआइटी मेसरा ने 2025 में एमओयू किया था। इसके बाद संस्थान के आरएनडी बिल्डिंग में इसे स्थापित किया जा रहा है। वर्तमान में इसपर काम चल रहा है और दिसंबर में से शुरू कर दिया जाएगा।
एआई का सेंटर फार एक्सीलेंस शुरू होने से ये होगा फायदा
- अब रांची में ही छात्रों को दुनिया की सबसे एडवांस एआइ चिप्स पर काम करने का मौका मिलेगा। विदेश जाने की जरूरत नहीं।
- बीटेक, एमटेक, एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, डेटा साइंस में स्पेशलाइजेशन मिलेगा।
- प्लेसमेंट में सीधा फायदा गूगल, माइक्रोसाफ्ट व एनवीडिया जैसी कंपनियां बीआइटी से ही एआइ एक्सपर्ट हायर करेंगी।
- कैंसर डिटेक्शन, खनन सुरक्षा, कृषि, मौसम विज्ञान जैसे झारखंड से जुड़े मुद्दों पर एआइ से रिसर्च होगी।
- छात्र अपना खुद का एआई स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। सेंटर में इनक्यूबेशन, फंडिंग और मेंटरशिप मिलेगी।
