जागरण संवादादाता, रांची : ठेकेदार ने पार्क की दीवार को जेल बना दिया है। यह ठेकेदार का धंधा है। उसे ब्लैकलिस्टेड कीजिए। शुक्रवार को बिरसा मुंडा स्मृति पार्क के निरीक्षण के क्रम में यह बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही जुडको के अधिकारियों ने उन्हें पार्क की डिजाइन दिखाई। बताया कि पार्क परिसर में ट्राइबल हट, फूड कोर्ट बनकर तैयार हैं। बेसमेंट में 175 कारों की पार्किग बनाई जा रही है। उसके ऊपर घास लगाई जाएगी। यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई जुबली पार्क है, जो लोग यहां आएंगे। पार्क परिसर में बनाए गए ट्राइबल हट को देख कहा कि बंद करो यह मुर्गीखाना, कबूतरखाना। इसे तोड़ो। सिर्फ बेसमेंट में पार्किग का निर्माण कर काम बंद कीजिए। जेल के अंदर एक और जेल बना दिया गया है। पार्क के चारों ओर की गई चारदीवारी निर्माण को देख उन्होंने कहा कि दीवार के ऊपर ग्रिल होगी, तभी बाहर से पार्क के अंदर की गतिविधि नजर आएगी।

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा क्या हैं, यह बताने की जरूरत है। शहीदों को सम्मान दीजिए। पार्क के प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही एक इंप्रेशन बनना चाहिए।

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि डीपीआर में लेजर शो व लाइट एंड साउंड का प्रोविजन नहीं था। इसे बाद में जोड़ा गया। यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने सीपी सिंह को इशारा करते हुए कहा कि मैंने पूर्व में ही इस कार्य के लिए कहा था। आइएएस अधिकारी हिमानी पांडेय ने कहा कि इस कार्य के लिए मिनिस्ट्री ऑफ ट्राइबल अफेयर्स से 35 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। फिलहाल 10 करोड़ रुपये रिलीज किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि से कहा कि भोपाल में 13 करोड़ की लागत से आकर्षक पार्क का निर्माण हुआ है। आपको भोपाल जाकर वहां के पार्क को देखने के लिए कहा था। वहां आपने क्या देखा? आप आइएएस हैं, कुछ सोचिए।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री पार्क के सामने स्थित जेल तालाब भी पहुंचे। तालाब के चारों ओर की चारदीवारी को देख वे नगर आयुक्त पर भड़क उठे। कहा, इसे तोड़िए। बाहर से अंदर की गतिविधि नजर आनी चाहिए। तालाब में बोटिंग करवाइए। तालाब परिसर में कलरफुल एलईडी लाइट लगवाइए। इसे आकर्षक बनाइए।

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स्मृति पार्क जैसा होना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ :

मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बिरसा मुंडा स्मृति पार्क जैसा होना चाहिए, वैसा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बिरसा मुंडा स्मृति पार्क की योजना पर बैठक की थी। उन्होंने जेल परिसर को पोर्टब्लेयर के सेल्यूलर जेल की तर्ज पर विकसित करने का निर्देश दिया था। लेकिन, पार्क परिसर में छोटा-छोटा रूम बना दिया गया है। यहां ट्राइबल हट नहीं बनना था। बैठक में ही मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की थी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार काम होना चाहिए। पार्क आकर्षण का केंद्र बनना चाहिए।

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By Jagran