रांची, जासं। Ranchi Airport झारखंड में लॉकडाउन के चलते राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से यात्रियों का आवागमन काफी प्रभावित है। एयरपोर्ट पर कम यात्री निकल रहे हैं। जिसके चलते सोमवार को 14 फ्लाइट रद की गई। इन फ्लाइटों में अहमदाबाद और चेन्नई के अलावा दिल्ली और मुंबई की फ्लाइट शामिल हैं। मुंबई के लिए सोमवार को एक भी फ्लाइट नहीं गई है। सोमवार को रांची एयरपोर्ट से छह फ्लाइटों ने उड़ान भरी और छह फ्लाइटें यहां पहुंची हैं। जबकि सामान्य तौर से एयरपोर्ट से 20 फ्लाइट के उड़ान भरने का शेड्यूल है। सोमवार को रांची एयरपोर्ट पर 388 लोग दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, पटना, बेंगलुरु से रांची आए और रांची से इन शहरों को 279 लोग ही गए।

रेलवे स्टेशन पर आए यात्रियों में सिर्फ 101 की हुई, जांच किसी को नहीं किया गया क्वारंटाइन

रांची रेलवे स्टेशन पर जिला प्रशासन की तरफ से सुबह 10:00 बजे से दोपहर बाद 1:00 बजे तक कोरोना की जांच की जा रही है। ट्रेनों से आए यात्रियों को क्वारंटीन नहीं किया जाता। सबको घर जाने दिया जाता है। जबकि, सरकार का साफ आदेश है कि बाहर से आए यात्रियों को 7 दिनों तक के लिए क्वारंटाइन करना है। लेकिन रांची और हटिया रेलवे स्टेशनों पर तैनात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी किसी को क्वारंटाइन नहीं कर रहे हैं। यही नहीं क्वारंटाइन करने के लिए जिला प्रशासन को रेलवे स्टेशनों पर अलग से अधिकारियों की तैनाती करनी चाहिए।

रेलवे स्टेशनों पर कोरोना जांच में बरती जा रही लापरवाही, रांची एयरपोर्ट का भी यही हाल

यही हाल रांची एयरपोर्ट का है। रांची एयरपोर्ट पर भी कोरोना की जांच होती है और बाहर से आने वाले मुसाफिरों को क्वारंटीन नहीं किया जा रहा है। रांची रेलवे स्टेशन पर सोमवार को 101 यात्रियों की जांच की गई। इनमें सभी की जांच आरटी पीसीआर किट के जरिए की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट से जो जांच होती है। उसके नतीजे आधे घंटे के अंदर आ जाते हैं। लेकिन, आरटी पीसीआर जांच में नतीजे बाद में आते हैं।

रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर जिन लोगों की जांच की जा रही है। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव या नेगेटिव आने पर बाद में उन्हें सूचित किया जाता है, जो लोग नेगेटिव आते हैं। वह तो ठीक है। लेकिन, जो लोग पॉजिटिव आ रहे हैं। वह हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन से सब के साथ अपने घर जाते हैं और वहां सब के साथ मिलजुल कर रहते हैं। जब उन्हें मोबाइल फोन के जरिए बताया जाता है कि वह कोरोना संक्रमित है। तब तक वह कई लोगों के संपर्क में आ चुके होते हैं। यही वजह है कि राजधानी में कोरोना की चेन टूटने का नाम नहीं ले रही है। कई स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।