मेदिनीनगर (पलामू), जासं। पलामू में बरामद हुए 10 हजार लीटर के मामले में बिहार जदयू के नेता विजय सिंह पटेल को गिरफ्तार किया गया है। 10 हजार लीटर स्प्रिट जब्‍त होने के बाद चार लोग गिरफ्तार किए गए थे। इनसे पूछताछ के बाद प‍ुलिस ने जदयू नेता को गिरफ्तार किया है। इधर, पुलिस की संदिग्‍ध भूमिका को देखते हुए रेहला थाना प्रभारी भगवान सिंह को निलंबित कर दिया गया है। विजय सिंह को पूरे मामले का मास्‍टर माइंड बताया जा रहा है।

पुलिस जब्‍त स्प्रिट के सोर्स का पता लगा रही है। शुरुआती जांच के क्रम में टैंकर से स्प्रिट निकालने की बात सामने आई है। जिले के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार के अनुसार पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। बिहार पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किए गए विजय सिंह पटेल को बिहार पुलिस को सौंप दिया गया है। पता चला है कि विजय सिंह के विरुद्ध बिहार में अवैध शराब के कारोबार को लेकर कई मामले दर्ज हैं। विजय सिंह को शनिवार की देर शाम नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया गया था। वहीं गिरफ्तार किए गए चार अन्य आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

बता दें कि बगैर लाइसेंस के स्प्रिट का कारोबार करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सूत्रों के अनुसार, स्प्रिट की तस्करी में संगठित रूप से एक गिरोह काम कर रहा था। बिहार राज्य में शराब बंदी होने के कारण यह गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से अवैध रूप से नकली शराब बनाने वाले कारोबारियों को स्प्रिट की आपूर्ति करता था। इससे गिरोह को दो गुना आमदनी होती थी। इनके पास से बरामद 9.30 लाख रुपये से भी स्प्रिट की खरीद की जानी थी।

पलामू के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने रेहला थाना प्रभारी भगवान सिंह को निलंबित कर दिया है। कहा गया कि कुछ दिन पूर्व रेहला थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में स्प्रिट बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानी गई थी। जांच के बाद प्रथम दृष्टया में रेहला थाना प्रभारी दोषी पाए गए थे। अब पुलिस अवर निरीक्षक नेमधारी रजक को रेहला थाना की कमान सौंपी गई है।