रांची, राज्य ब्यूरो। भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने आदिवासी जमीन को माफियाओं से मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। बाबूलाल ने राज्य के मुख्यमंत्री से बड़गाई मौजा के एक आदिवासी परिवार की पैतृक जमीन को भूमि माफियाओं के कब्जा से मुक्त कराने को लेकर पत्राचार किया है। मरांडी ने कहा कि बड़गाई मौजा में भुइंहरी पहनई खतियानी भूमि का जाली दस्तावेज बनाकर माफियाओं द्वारा आदिवासी जमीन को बलपूर्वक कब्जा एवं बिक्री करने का गंभीर मामला सामने आया है।

धोखा देकर जमीन करा लिया अपने नाम

मरांडी ने कहा कि इस संबंध में पीड़िता चंचला मुंडा से जो प्राप्त आवेदन हैं, वह काफी गंभीर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 1.78 एकड़ जमीन पैतृक सम्पत्ति है और यह जमीन भुइंहरी पहनई किस्म की है। जिसमें दशकों से इनका शांतिपूर्वक दखल कब्जा रहा है। लेकिन जमीन मालिक को धोखा देकर जमीन माफियाओं जिसका नाम यासिन हामिद यूसूफ अंसाीर, मकसूद असलम, राजू मंडल एवं कई अन्य द्वारा उक्त प्रसंगत जमीन पर विकास कार्य कराने के नाम पर सादा कागज पर हस्ताक्षर करा लिया एवं इसके आधार पर जमीन का जाली दस्तावेज तैयार कर पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करने में लगे हैं।

बाबूलाल मरांडी ने की कार्रवाई की मांग

मरांडी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आदिवासी जमीन को हड़पने में जमीन माफिया को मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर सहायक शहनबाज अंसारी सहयोग कर रहे हैं और सीएम आवास का बार - बार हवाला देकर थाने को फोन करते हैं और जमीन मालिक पर भी धौंस जमाते हैं। बाबूलाल ने कहा कि आपके ही कार्यालय से थाना को फोन करके बलपूर्वक आदिवासी जमीन पर कब्जा करवाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यहां तक की केसर अहमद नामक व्यक्ति द्वारा पुराना घर को तोड़कर शोरूम एवं दुकान बना लिया गया है। आवेदन को पूरी तरह पढ़ने से ऐसा प्रतीत होता है कि एक सीधे - सादे आदिवासी परिवार की जमीन को षड्यंत्रपूर्वक जमीन माफियाओं द्वारा आपके कार्यालय में पदस्थापित कर्मचारी के सहयोग से हड़पा गया है। मरांडी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से आदिवासी परिवार की उक्त पैतृक जमीन को जमीन माफियाओं के कब्जा से मुक्त कराने एवं जालसाज जमीन दलालों पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

बाबूलाल मरांडी ने साझा किया पत्र, पढ़िए...

Edited By: M Ekhlaque