रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। Jharkhand Home Isolation Guidelines झारखंड में कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। ताजा हाल यह है कि राज्‍य में 822 कोरोना मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। जबकि इनमें से 694 रांची के रहने वाले हैं। रांची, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो में पॉजिटिविटी रेट इतनी अधिक है कि संक्रमितों की संख्‍या बेतहाशा बढ़ रही है। इस बीच राज्‍य सरकार ने कोरोना संक्रमितों के होम आइसोलेशन में रहने का निर्देश जारी किया है। कोरोना संक्रमितों के लिए सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है।

स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए जारी की एडवाइजरी

स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित व्यक्ति के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें संक्रमित व्यक्तियों को विभिन्न लक्षण य शिकायत रहने पर निबंधित चिकित्सकों के मार्गदर्शन में दवा लेने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी के अनुसार, जिन संक्रमित व्यक्तियों में बुखार, खांसी, बदन में दर्द, थकावट, सूंघने, स्वाद की शक्ति खत्म होने, सांस लेने में कठिनाई, दस्त/पेट की तकलीफ के लक्षण या समस्या होने पर निबंधित चिकित्सक के मार्गदर्शन में दवाइयां ली जा सकती हैं।

निबंधित चिकित्सकों के मार्गदर्शन पर दवा लेने की दी सलाह

विभाग ने बकायदा दवा के नाम भी सुझाए हैं। मरीजों को दिन में पांच बार गुनगुना पानी में नमक डालकर अथवा बेटाडीन से गारगल करने तथा एक ग्लास हल्दी वाले दूध का सेवन करने की सलाह दी गई है। मरीजों को उक्त लक्षण होने पर निकट के निबंधित चिकित्सकों से तुरंत संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही साथ ही परिवार के हर सदस्यों का कोरोना जांच कराने व कोविड समुचित व्यवहार का अनुपालन करने की सलाह दी गई है।

ये दवा लेने की दी गई सलाह

  1. डॉक्सीसाइक्लिन-100 एमजी : एक-एक गोली दिन में दो बार खाने के बाद पांच दिनों तक।
  2. आइवरमेक्टिन-12 एमजी : एक गोली रात में खाने के दो घंटे बाद -तीन रात तक।
  3. पारासिटामोल-500 एमजी : एक गोली बुखार होने पर।
  4. विटामिन सी टैबलेट/सेलिन-500 : एक गोली दिन में एक बार, एक महीने तक।
  5. जिंक टैबलेट-50 एमजी/जिंकोविट/एसाजिंक/जिरकोनिया : एक गोली दिन में एक बार, एक महीने तक।
  6. विटामिन डी 2500 आइयू : एक गोली दिन में एक बार दस दिनों तक।
  7. मोंटेलुकास्ट तथा लेवोसेट्रीजिन : एक गोली रात में एक बार दस दिनों तक।
  8. पेंटोप्राजोल 40 एमजी : एक गोली दिन में एक बार।
  9. मेट्रोनिडाजोल-400 एमजी : दस्त होने पर एक-एक गोली दिन में तीन बार पांच दिन तक।
  10. एन एसेटिल सिस्टाइन-600 एमजी : एक गोली रात में एक बार अधिक खांसी होने पर।

71 फीसद मरीज हैं होम आइसोलेशन में

राज्य में लगभग 71 फीसद मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 11 अप्रैल तक के उपलब्ध आंकड़ों की बात करें तो कुल 13,933 मरीजों में 9959 मरीज होम आइसोलेशन में थे। हालांकि जामताड़ा, गिरिडीह, गढ़वा, बोकारो में कोई मरीज होम आइसोलेशन में नहीं थे।

कहां कितने मरीज होम आइसोलेशन में (11 अप्रैल तक)

रांची : 5,363, पूर्वी सिंहभूम : 1210, दुमका : 562, कोडरमा : 365, हजारीबाग : 363, रामगढ़ : 306, साहिबगंज : 256, गुमला : 222, खूंटी : 22, लातेहार : 186, पश्चिमी सिंहभूम : 169, गोड्डा : 164, लोहरदगा : 146, धनबाद : 121, चतरा : 102, सरायकेला खरसावां : 86, सिमडेगा : 67, पलामू : 42, पाकुड़ : 04, देवघर : 04

राज्य में लगातार मिल रहे प्रत्येक सौ लोगों की जांच में छह से सात संक्रमित

राज्य में हाल के दिनों में लगातार प्रत्येक सौ लोगों की जांच में छह से सात संक्रमित मिल रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में यह दर लगभग सात फीसद रही है। दूसरी तरह, रांची, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, कोडरमा आदि जिलों में यह पॉजिटिविटी रेट अधिक है। 12 अप्रैल को ही कोडरमा में यह दर 14, रांची में 13, खूंटी में 11 तथा बोकारो में आठ फीसद रही। इससे पहले, 11 अप्रैल को हुई जांच में बोकारो में 22.25 फीसद, रांची में 20.80, कोडरमा में 18.09, रामगढ़ में 13.58, पश्चिमी सिंहभम में 11.30 फीसद तथा दुमका में 10.06 फीसद रही।

स्वास्थ्य विभाग को 11 अप्रैल तक जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल संक्रमितों में 822 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इनमें 694 मरीज सिर्फ रांची के हैं। अन्य जिलों की बात करें तो देवघर के 50, पूर्वी सिंहभूम के 33, धनबाद के 22, गोड्डा के 12, पाकुड़ तथा साहिबगंज के पांच-पांच तथा पश्चिमी सिंहभूम के एक मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इसी तरह, 424 मरीज आइसीयू में भर्ती हैं तथा 145 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। वेंटिलेटर पर रह रहे 145 मरीजों में 121 सिर्फ रांची में हैं। देवघर के 20 तथा पूर्वी सिंहभूम तथा धनबाद के दो-दो मरीज वेंटिलेटर पर हैं।

87 फीसद मरीजों में लक्षण नहीं

वर्तमान में जितने मरीज संक्रमित हैं उनमें 87 फीसद में कोई लक्षण नहीं है। 13 फीसद मरीजों में ही कोरोना के कम या अधिक लक्षण हैं।