राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड को नक्सल मुक्त करने की मुहिम मिशन 2017 एक बार फिर तेज होगी। भाकपा माओवादी और पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) जैसे प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के खिलाफ पुलिस बड़ा अभियान शुरू करेगी। आठ मई को दिल्ली में आयोजित केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक में मिले निर्देशों के बाद पुलिस मुख्यालय रेस है।

इसी कड़ी में गुरुवार को डीजीपी सहित आलाधिकारियों की पुलिस मुख्यालय में नक्सल अभियान को लेकर चर्चा हुई। इसमें उग्रवादियों को चौतरफा घेरने की रणनीति बनी। सीमावर्ती क्षेत्रों में अभियान के दौरान पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल की पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। हालांकि रणनीति के संबंध में अधिकारी कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं।

पिछले दिनों सरेंडर करने वाले 15 लाख के इनामी नकुल यादव और पांच लाख के इनामी मदन यादव को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इसकी पुष्टि आइजी अभियान आशीष बत्र ने मीडिया से की है।

अरविंद, सुधाकरण व दिनेश गोप की बढ़ेंगी मुश्किलें

झारखंड में भाकपा माओवादी संगठन का ब्रेन कहे जाने वाले पोलित ब्यूरो सदस्य अरविंद और सुधाकरण के अलावा पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप की मुश्किलें बढ़नी तय मानी जा रही है। अगर वे जल्द की सरेंडर नहीं करते हैं तो अभियान के दौरान पुलिस उनका काम तमाम कर सकती है।
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Posted By: Sachin Mishra

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