रांची, जासं। कृषि बिलों के विरोध और किसान आंदोलनों के समर्थन में बुलाए गए भारत बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। रांची के मेन रोड में कई दुकानें बंद हैं। हालांकि दूसरे इलाकों में दुकानें खुलीं हैं। सड़कों पर गाड़ियां चल रही हैं। खादगढ़ा से हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा आदि जिलों के लिए बसें चल रही हैं। बूटी मोड़ के पास आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां यात्रियों को ले जाते दिखीं। सड़कों पर पहले की भांति भीड़ है। कांटा टोली चौक पर ऑटो का परिचालन सामान्य है। सड़कों पर सिटी बसें भी चल रहीं हैं। डोरंडा, हिनू, अशोकनगर आदि इलाके में भी आम दिनों की ही तरह गाड़ियां चल रहीं हैं। दुकानें खुली हैं। हालांकि सुरक्षा को देखते हुए जगह-जगह पुलिस की तैनाती की गई है। अलबर्ट एक्का चौक के पास पुलिस तैनात है। बाद में बंद समर्थकों ने कुछ जगहों पर सड़क जाम कर दिया।

 

रांची के आसपास के इलाकों में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। तोरपा में अधिकतर दुकानें व सवारी वाहन बंद हैं। हालांकि मालवाहक और छोटी गाड़ियों का परिचालन चालू है। जबकि बेड़ो प्रखंड मुख्यालय में बंद का असर नहीं दिख रहा। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सब्जी मंडी खुली हुईं हैं। भारत बंद को देखते हुए स्कूल बंद हैं। हालांकि आनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। स्कूलों का कहना है कि परीक्षाएं शुरू होने वालीं हैं। स्कूल तो बंद रखा गया है लेकिन आनलाइन कक्षाएं चल रहीं हैं। इधर, भाकपा माले की ओर से रातू, पिस्कामोड़ से जुलूस निकाला गया है। जुलूस अलबर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। जबकि कांग्रेस की ओर से रविवार शाम को कांग्रेस भवन से लेकर अलबर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया था।

1000 अतिरिक्त जवान तैनात

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ मजदूर संगठनों के भारत बंद काे विपक्षी दलों ने भी अपना समर्थन दिया है। सड़क पर उतर कर विपक्षी दल के कार्यकर्ता भारत बंद में सहभागी निभाएंगे। इसको लेकर झारखंड में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए रांची में 1000 अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।  दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल के जवान विधि व्यवस्था संभालेंगे। रांची एवं हटिया रेलवे स्टेशन के अलावा बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड आदि पर भी विशेष नजर रहेगी। भारत बंद के नाम पर उपद्रव करने वालों पर विशेष नजर होगी। एसपी ने थानेदारों को अपने-अपने इलाके में विशेष गश्‍त लगाने का निर्देश दिया है। हजारीबाग, कोडरमा, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, गिरिडीह में भी पुलिस को अलर्ट किया गया है। भारत बंद को विपक्ष ने समर्थन दिया है।

इससे पूर्व राज्‍य के अलग-अलग इलाकों में बंद की पूर्व संध्‍या पर मशान जुलूस निकाला गया। विभिन्‍न दलों ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर प्रदर्शन किया। लोहरदगा में भारत बंद को लेकर कांग्रेस, जेएमएम, भाकपा माले, राष्ट्रीय जनता दल, सीपीआइ, सीपीआइएमएल के नेता एकजुट हैं। इन्‍होंने संयुक्‍त बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की है। बैठक में साफ तौर पर कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को जबरन किसानों पर थोपने की कोशिश की जा रही है। तमाम विपक्षी दल इसका विरोध करते हैं। आंदोलन के साथ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। दो दिवसीय प्रदर्शन के दौरान कृषि कानूनों के विरोध में विपक्षी दलों द्वारा जोरदार ढंग से प्रदर्शन की रणनीति तैयार की जा चुकी है।

भारत बंद का पलामू में मिलाजुला असर

पलामू जिला में भारत बंद का मिलाजुला असर है। जिला में बसों व माल वाहक वाहनों का परिचालन ठप है । बंद समर्थकों ने पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित छहमुहान पर ट्रक लगाकर सड़क जाम कर दिया है। ये केंद्र सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं। इसमें महंगाई पर रोक लगाओ, कृषि बिल वापस लो आदि नारे लगाए जा रहे हैं ।जिला के सभी प्रखंड मुख्यालयों में समर्थक सड़क पर उतर कर वाहनों का परिचालन रोक दिया है। बंद समर्थकों में किसान संयुक्त मोर्चा ,कांग्रेस, राजद, भाकपा माले, भाकपा माले रेड स्टार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, आप पार्टी, झामुमो समेत कई संगठन के नेता व कार्यकर्ता शामिल हैं।

Edited By: Sujeet Kumar Suman