रांची, जागरण टीम। किसान संगठनों के बंद का झारखंड में मिलाजुला असर देखा गया। बंद को कांग्रेस, राजद, झामुमो, भाकपा, भाकपा माले के अलावा श्रम संगठनों का भी समर्थन था। ज्यादातर इलाकों में सुबह से 12 बजे तक लंबी दूरी की बसों का आवागमन प्रभावित रहा, जबकि रेल सेवा सामान्य रही। इस दौरान जगह-जगह चौक-चौराहों पर प्रदर्शनकारियों ने कहीं एक तो कहीं दो घंटे के लिए सड़क जाम किया।

इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई। कई जगह सड़क पर टायर जला कर भी प्रदर्शन किया गया। कुछ इलाकों में दोपहर तक दुकानें बंद रही। दोपहर बाद सबकुछ सामान्य दिखा। उधर, रामगढ़, हजारीबाग व धनबाद में बंद के कारण कोयले का डिस्पैच प्रभावित हुआ। रामगढ़ के बरका सयाल में बंद असरदार दिखा।

1973 प्रदर्शनकारी लिए गए हिरासत में

बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। अलग-अलग जिलों में पुलिस ने 1973 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने को लेकर कुछ जिलों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

कोयले का डिस्पैच हुआ प्रभावित

रामगढ़ के बरका-सयाल कोयलांचल में भारत बंद असरदार दिखा। यहां शाम में भी दुकानें नहीं खुलीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। कोयला का डिस्पैच ठप होने से लाखों का नुकसान हुआ। प्रदर्शनकारियों ने यहां सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कोडरमा के सतगावां में भी झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य रविंद्र शांडिल्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बाजार को बंद करवाया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

पलामू में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठन सड़क पर उतरे। यहां मेदिनीनगर के छहमुहान समेत कई चौक-चौराहों पर नेताओं ने प्रदर्शन किया। छतरपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-98 को दो घंटे तक जाम किया गया। दुकानें दोपहर बाद खुलीं। उधर लातेहार के चंदवा में अभाकिस और भाकपा ने रैली निकाल कर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के मांग की अनदेखी कर रही है।

हजारीबाग में अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ ने भी आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। यहां वक्ताओं ने कहा कि कारपोरेट घरानों के इशारों पर केंद्र सरकार उनके हितों को साधने का काम कर रही है। लोहरदगा में आंदोलन को समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और शंख मोड़ के पास प्रदर्शन किया। यहां राज्यसभा सदस्य धीरज साहू समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल थे। गुमला के शहरी क्षेत्र में बंद बेअसर रहा। बंद समर्थकों ने यहां टावर चौक पर प्रदर्शन किया और गिफ्तारी दी।

ग्रामीण इलाकों में भी नेताओं ने सड़क जाम व प्रदर्शन किया। सिमडेगा में भी विधायक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। देवघर, पाकुड़, जामताड़ा और साहिबगंज में बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किया और घूम-घूम कर दुकानें बंद कराईं। प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। हालांकि बंद का कोई खास असर नहीं दिखा। बोकारो में एनएच जाम होने के कारण दो घंटे तक वाहनों का परिचालन बाधित रहा।

भाजपा नेताओं ने पुलिस पर लगाए आरोप, दर्ज कराई प्राथमिकी

पूर्वी सिंहभूम जिले में बंद समर्थकों ने सड़क पर घूम-घूमकर सभी दुकानों को बंद कराया। मानगो के उलीडीह क्षेत्र में पुलिस पर दुकानें बंद कराने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने थाना पर प्रदर्शन किया। थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई।

गिरिडीह में झामुमो, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष समेत 100 लोगों पर प्राथमिकी

गिरिडीह में किसानों के समर्थन में भारत बंद के एक दिन पूर्व मशाल जुलूस निकालने के मामले में झामुमो, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और माले के जिलाध्यक्षों समेत 100 लोगों के खिलाफ कोविड नियमों के उल्लंघन को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

गोड्डा में ट्रेन रोकी

गोड्डा मे रेलवे स्टेशन में समर्थकों ने दुमका से गोडडा जाने वाली यात्री ट्रेन को एक घंटे के लिए रोक लिया। नगर थाना की पुलिस ने यहां करीब 110 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया। शाम को सभी को छोड़ दिया गया।

रेल ट्रैक पर भी धरना

राजधानी रांची में भाकपा माले व किसान महासभा ने धान, झंडे, तख्तियां लेकर रैली निकाली। यहां अलबर्ट एक्का चौक पर रोड जाम कर प्रदर्शन किया गया। कोलियरी क्षेत्र में कोयला परिवहन ठप रहा। सरिया, निरसा समेत कई स्थानों पर रेल ट्रैक पर लोगों ने धरना दिया। उधर, झामुमो कार्यकर्ता भी बाइक से घूमकर बंद कराते नजर आए। उधर, खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड क्षेत्र में बंद का व्यापक असर देखा गया। खूंटी के रनिया प्रखंड में बंद समर्थकों ने एक घंटे तक खूंटी-सिमडेगा मुख्य पथ को जाम कर दिया।

उधर, पश्चिम सिंहभूम के जैंतगढ़ और चांपुआ में बंद का असर रहा। दुकान, स्कूल, कालेज व विभिन्न प्रतिष्ठान बंद रहे। जगन्नाथपुर क्षेत्र में मालुका रेलवे स्टेशन पर 20 मिनट तक रेल पटरी जाम रही। झारखंड-ओडिशा सीमा जैंतगढ़ चंपुआ में नेशनल हाईवे पर गाड़‍ियों की लंबी कतार लगी रही। चाईबासा शहर में बंद को देखते हुए लंबी और छोटी दूरी की बसें नहीं चलीं। उधर, सरायकेला में बाजार बंद रहे। यहां छोटी गाड़‍ियां चलती रहीं। शाम में दुकानें खुल गईं। खरसावां-कुचाई से जमशेदपुर, सरायकेला, रांची, चाईबासा, चक्रधरपुर आदि के लिए बसें नहीं चलीं।

Edited By: Sujeet Kumar Suman