रांची, राज्य ब्यूरो। अब झारखंड पुलिस सेवा से बहाल डीएसपी से आइपीएस संवर्ग में प्रोन्नति की सभी बाधाएं दूर कर ली गई हैं। अब शीघ्र ही प्रोन्नति को लेकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को योग्य डीएसपी की सूची भेजी जाएगी, ताकि प्रोन्नति के लिए उनका चयन हो सके। डीएसपी से आइपीएस में प्रोन्नति का मामला वर्ष 2016 से लटका हुआ है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया था, जो द्वितीय जेपीएससी परीक्षा में नियुक्ति घोटाले की जांच सीबीआइ कर रही है।

यही वजह है कि इस द्वितीय जेपीएससी के पांच डीएसपी की सेवा संपुष्टि नहीं हो पा रही है। उन पांच डीएसपी के चलते ही योग्य 42 डीएसपी की प्रोन्नति भी लटकी हुई थी। राज्य सरकार के स्तर पर इसकी समीक्षा की गई और निर्णय लिया गया कि जिन पांच डीएसपी के मामले की जांच चल रही है, उन्हें स्थगित रखते हुए शेष सभी योग्य डीएसपी की सूची यूपीएससी को भेजी जाएगी, ताकि उन्हें प्रोन्नति का लाभ दिलाया जा सके। इनमें द्वितीय जेपीएससी के दो, तृतीय जेपीएससी के 38 व खेल कोटा से प्रोन्नत दो डीएसपी यानी कुल 42 डीएसपी आइपीएस में प्रोन्नति के योग्य हैं, जिनपर विचार के लिए यूपीएससी को भेजा जाएगा।

ये हैं पांच डीएसपी, जिनका नाम फिलहाल रोका गया है

ये पांच डीएसपी विकास पांडेय, सादिक अनवर रिजवी, राधा प्रेम किशोर, मुकेश महतो व शिवेंद्र हैं, जिनका नाम फिलहाल प्रोन्नति लिस्ट में रोका गया है। ये द्वितीय जेपीएससी बैच के हैं। इन्हीं के बैच के दो डीएसपी विजय आशीष कुजूर व अरविंद सिंह आइपीएस संवर्ग के लिए योग्य हैं, इनके अलावा दारोगा से स्पोर्ट्स कोटा से डीएसपी में प्रोन्नत सरोजनी लकड़ा व एमेल्डा एक्का भी आइपीएस संवर्ग में प्रोन्नति का इंतजार कर रही हैं। इनके अलावा तृतीय जेपीएससी के 38 डीएसपी साढ़े ग्यारह साल की सेवा कर चुके हैं। जबकि, डीएसपी से आइपीएस संवर्ग में प्रोन्नति के लिए डीएसपी संवर्ग में आठ साल की सेवा देना अनिवार्य है।

इस तरह ये डीएसपी एक जनवरी 2019 से ही आइपीएस संवर्ग के लिए योग्य बने बैठे हैं। झारखंड में राज्य पुलिस सेवा से प्रोन्नत आइपीएस अधिकारियों का कुल 45 पद है। वर्ष 2016 के बाद अब तक किसी को आइपीएस में प्रोन्नति नहीं मिली। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक राज्य पुलिस सेवा से आइपीएस में प्रोन्नत 25 अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर नए डीएसपी को अब तक आइपीएस में प्रोन्नति नहीं मिल सकी है।

Edited By: Sujeet Kumar Suman