रांची, जेएनएन। Baba Ramdev पतंजलि योगपीठ के पुरोधा योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि भारत में अतिवादियों की संख्‍या बढ़ रही है। पतंजलि के आचार्यकुलम को हिन्‍दू मदरसा कहा जा रहा है, अगर ऐसा है तो देश के सभी मस्जिदों और मदरसों के साथ ही मंदिर और वैदिक गुरुकुलों में एक साथ छापेमारी कराई जाए। मैं यकीन दिलाता हूं कि हिन्‍दू मंदिर और गुरुकुल में कोई हथियार नहीं मिलेगा। मस्जिद-मदरसा को भी यह गारंटी देनी चाहिए कि उनके यहां कानूनी तौर पर कुछ भी गलत नहीं हो रहा। बाबा रामदेव ने सीएए के विरोध के नाम पर शाहीन बाग के प्रदर्शन पर कहा कि मैं किसी एक व्‍यक्ति को इसका जिम्‍मेवार नहीं मानता। इसके पीछे बड़ा राजनीतिक उद्देश्‍य काम कर रहा है।

बाबा रामदेव ने कहा कि  धार्मिक विश्‍वास, विचारधारा और आस्‍था के नाम पर देश में जो जहर घोला जा रहा है, वही दिल्‍ली के शाहीन बाग का मुख्‍य कारण है। हमें आपस के जहर को दूर करने की जरूरत है। योगगुरु ने देश के लोगों से आग्रह किया कि हिन्‍दू मुस्लिम आतंकवाद के नाम पर देश को न तोड़ें। बाबा ने कहा-मैं हिन्‍दू हूं, लेकिन न मैं किसी से डरता हूं, न ही किसी को डराता हूं। कुछ लोग कहते हैं कि भारत में मुझे डर लगता है। में उन्‍हें कहना चाहता हूं कि यह देश 125 करोड़ भारतीयों का है। यहां कोई धर्म खतरे में नहीं है। बस खतरे में वे लोग हैं जो देश तोड़ना चाहते हैं। बाबा ने कहा कि इधर कुछ लोगों का कहना है कि उनके साथ देश में दोयम दर्जे का व्‍यवहार होता है। यह कहना सही नहीं है। हमारी धार्मिक आस्‍था से किसी को कोई बाधा नहीं है। हमारा देश भारत संविधान से चलता है।

देश में बढ़ रहे अतिवादी, खास मकसद से हो रहा शाहीन बाग

नागरिकता संशोधन कानून, सीएए के विरोध के नाम पर शाहीन बाग में बीच सड़क पर धरना-प्रदर्शन की ओर इंगित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि अर्बन नक्‍सल, धर्म और जाति के नाम पर खास मकसद से इसे बढ़ावा दे रहे हैं। यह वैचारिक आतंकवाद है। आक्रामकता को उन्‍होंने देश के विकास के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया। बाबा ने कहा कि देश में एक दूसरे से लड़कर हम देश का ही नुकसान कर रहे हैं। मजहबी उन्‍माद और अंध राष्‍ट्रवाद, संप्रदायवाद से आखिर किसका नुकसान हो रहा है। याेग गुरु ने कहा कि देश के लिए मर-मिटने वाला युवा राष्‍ट्रवाद के लिए तैयार हों, इसकी पहल करते हुए ही आचार्यकुलम की स्‍थापना की गई है।

70 प्रतिशत भारतीय युवा देखते हैं पोर्न

बाबा रामदेव ने कहा कि आज 70 प्रतिशत भारतीय  युवा पोर्न देखते हैं। हमारा देश एक पोर्न हब बन गया है। मॉडर्न सब्जेक्ट के लिए, वैदिक विषय के लिए, योगा और अनुशासन के लिए आचार्यकुलम में एक्सपर्ट को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि स्ट्रक्चर से लेकर करैक्टर तक यहां बनता है। अभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बच्चे इस स्कूल में पढ़ रहे हैं। जल्द ही यह स्कूल देश के टॉप 5 स्‍कूलों की श्रेणी में  गिना जाएगा। आचार्यकुलम पर बाबा रामदेव ने कहा कि यह एक वर्ष का एक प्रयोग है उसका असर बच्चों में दिख रहा है। शिक्षा, भाषा और तकनीक के अलावा अनुशासन-एकाग्रता जरूरी है। इससे शारीरिक और बौद्धिक विकास होता है। शिक्षा, योग और अच्छी आदतें यहां सिखाई जाती हैं।

योग गुरु बाबा रामदेव शनिवार को करीब 12 बजे राजधानी रांची पहुंचे। वे पतंजलि योगपीठ की ओर से नामकुम में संचालित‌ आचार्यकुलम में करीब तीन घंटे तक रुके। इस दौरान विद्यालय को लेकर उन्‍होंने अपनी भावी योजनाएं साझा कीं। योग गुरु के आगमन को लेकर आचार्यकुलम में जोरदार तैयारियां की गई थीं। याेग गुरु ने योग प्राणायाम और अनुशासन को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बताया। उन्होंने योग प्राणायाम और अनुशासन को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए कहा कि ईमानदारी से लक्ष्य के लिए प्रयास निश्चित रूप से सफलता दिलाती है। उन्होंने आचार्यकुलम पाठशाला में मौजूद छात्र-छात्राओं को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित किया।

रांची के आचार्यकुलम पहुंचे योग गुरु, सवालों का दिया बेबाक जवाब

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि देश में अतिवादियों की संख्या बढ़ रही है। जो पतंजलि योगपीठ के आचार्यकुलम को हिंदू मदरसा कह रहे हैं उनसे कहना चाहूंगा कि यदि ऐसा है तो हिंदुस्तान के तमाम मंदिर, वैदिक स्कूल, मस्जिद व मदरसा में छापेमारी होनी चाहिए। मैं यकीन दिलाता हूं और दावा करता हूं कि मंदिर व वैदिक स्कूलों में कोई हथियार नहीं मिलेगा। मदरसा व मस्जिद भी गारंटी दें कि वहां कानूनी तौर पर कुछ गलत नहीं है। योग गुरु ने शाहीन बाग में चल रहे धरना-प्रदर्शन के बारे में कहा कि मैं किसी एक व्यक्ति को इसका जिम्मेदार नहीं मानता। यह वैचारिक आतंकवाद है। धर्म-जाति के नाम पर राजनीतिक उद्देश्य से कुछ लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं। आक्रामक बनें, लेकिन देश के विकास की राह में रोड़े न अटकाएं।

कोरोना से डरें नहीं, योग में है उपचार

बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोना हवा में नहीं फैलता। इसलिए डरने की जरूरत नहीं। आयुर्वेदिक जड़ी बूटी में गिलोय, तुलसी, हल्दी, कालीमिर्च और अदरक का काढ़ा कोरोना से भी बचाव में लाभकारी है। बाबा ने कहा कि कपालभाति, अनुलोम विलोम सरीखे प्राणायाम से इस पर काबू पाया जा सकता है। योग से शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। इन योग से कोरोना से खुद को बचा सकेंगे। योग गुरु ने योग प्राणायाम और अनुशासन को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बताया।

चीन को योग सिखाएंगे, काढ़ा पिलाएंगे

बाबा रामदेव ने कहा कि चीन के लोगों को योग विद्या सिखाई जाएगी। मैंने चाइना को ऑफर किया है। गिलोय और तुलसी जैसी जड़ी-बूटी भी भेजी जाए ताकि जल्द से जल्द कोरोना वायरस की बीमारी पर निजात पाया जा सके।

आचार्यकुलम करेगा उच्च मानवीय गुणों का विकास

उन्होंने कहा कि देश पर मर-मिटने वाले युवा तैयार हों। इसी उद्देश्य के साथ आचार्यकुलम की स्थापना की गई है। मॉडर्न सब्जेक्ट के लिए, वैदिक विषय के लिए, योगा और अनुशासन के लिए आचार्यकुलम में विशेषज्ञ शिक्षक हैैं। यहां संस्कारों और नैतिकता की शिक्षा के साथ छात्रों के व्यक्तित्व का निर्माण होगा। विद्यार्थियों में उच्च मानवीय गुणों का विकास करना हमारा मकसद है। जल्द ही यह स्कूल देश के टॉप पांच स्कूलों की श्रेणी में खड़ा होगा।

Edited By: Alok Shahi