रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। झारखंड सरकार ने वर्ष 2020-21 में नामांकन लेनेवाले बीएड के छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। नामांकन में देरी होने से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से वंचित इन विद्यार्थियों के लिए ई कल्याण पोर्टल दो अगस्त से दोबारा खुलेगा। बीएड के विद्यार्थी 30 सितंबर तक इस पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। दरअसल, कल्याण विभाग ने बीएड सत्र के अनियमित रहने और नामांकन प्रक्रिया में देर होने की शिकायत प्राप्त होने पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से विश्वविद्यालयों के सत्र के अनियमित रहने तथा नामांकन में विलंब होने के विषय पर वस्तुस्थिति से अवगत कराने का अनुरोध किया था।

उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा विभाग को जो जानकारी दी गई, उसके अनुसार बीएड के शैक्षणिक सत्र 2020-22 के नामांकन की प्रक्रिया दो अगस्त तक चलने की संभावना है। इस आलोक में राज्य सरकार ने अपवाद के रूप में राज्य के मान्यता प्राप्त बीएड काॅलेजों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2020-22 के लिए आवेदन करने हेतु ई कल्याण पोर्टल को दो अगस्त से 30 सितंबर तक दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। बता दें कि कल्याण विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 हेतु 26 जुलाई से ही ई कल्याण पोर्टल बीएड सहित सभी पाठ्यक्रमों के लिए खोल दिया है। इस सत्र के लिए 30 सितंबर तक पोर्टल खुला रहेगा।

आवेदन के लिए निर्धारित समय पर खोला जाता है पोर्टल

राज्य में ई कल्याण पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक वर्ष पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। आवेदन के लिए यह पोर्टल प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय के लिए खोला तथा बंद किया जाता है। पोर्टल बंद होने के बाद संबंधित शैक्षणिक संस्थानों से सत्यापित आवेदनों को संबंधित जिला के जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा जांच कर सत्यापित किया जाता है तथा जिला स्तरीय समिति द्वारा सत्यापित सूची अनुमोदित की जाती है। इसके बाद सीधे विद्यार्थियों के बैंक खाते में छात्रवृत्ति की राशि भेज दी जाती है। वर्ष 2020-21 में पोर्टल खोले जाने पर नामांकन में देरी होने के कारण बीएड के हजारों अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके थे।

2020-21 में बीएड के आधे अभ्यर्थी हो रहे थे वंचित

वर्ष 2019-20 में 2,77,972 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई थी, जिनमें बीएड के 14,087 विद्यार्थी शामिल थे। वहीं, वर्ष 2020-21 में 2,93,389 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिनमें बीएड के 7,743 विद्यार्थी ही शामिल थे। इस तरह, लगभग आधे विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हो गए थे।

Edited By: Sujeet Kumar Suman