रांची, नीरज अम्बष्ठ : राज्य में लोक उपक्रमों के दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े अस्पताल हैं। लेकिन ये केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' से नहीं जुड़ रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा इस बाबत निर्देश दिए जाने के बावजूद ये अस्पताल योजना के तहत सूचीबद्ध नहीं हुए हैं।

स्वास्थ्य सचिव डा. नितिन मदन कुलकर्णी ने भी इन अस्पतालों के पदाधिकारियों से इस योजना से जुड़ने को लेकर बातचीत की। लेकिन इन अस्पतालों का कहना है कि वे तभी इस योजना से जुड़ने पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं जब उन्हें इसका आदेश मुख्यालय से मिले।

मुख्यालय से उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। अब स्वास्थ्य सचिव ने आयुष्मान भारत योजना संचालित करनेवाली नेशनल हेल्थ एजेंसी के सीईओ डा. इंदू भूषण को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है।

साथ ही राज्य में लोक उपक्रमों द्वारा संचालित अस्पतालों की सूची भेजते हुए लोक उपक्रमों के संबंधित मंत्रालयों द्वारा अस्पतालों के योजना से जुड़ने का आदेश जारी कराने के लिए पहल करने का अनुरोध किया है। इन अस्पतालों के आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने से बड़ी संख्या में मरीजों को लाभ मिलेगा क्योंकि कुछ क्षेत्रों में लोक उपक्रमों के ही अस्पताल हैं। वहां बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज कराते हैं।

11 जिलों में संचालित हैं अस्पताल

लोक उपक्रमों के अस्पताल राज्य के 11 जिलों में संचालित हैं। इनमें कोल इंडिया लिमिटेड, सेल, एचईसी, रेलवे आदि के अस्पताल हैं। सबसे अधिक पांच-पांच अस्पताल रांची तथा धनबाद में संचालित हैं। बोकारो तथा रामगढ़ में तीन-तीन, चाईबासा में दो तथा बाकी जिलों में एक-एक अस्पताल संचालित हैं।

लोक उपक्रमों द्वारा ये अस्पताल हो रहे संचालित

रांची : मेकॉन हॉस्पिटल-डोरंडा, रेलवे हॉस्पिटल-हटिया, सीसीएल हॉस्पिटल-गांधी नगर, एचईसी हॉस्पिटल-धुर्वा, ईएसआइ हॉस्पिटल-नामकुम।

चतरा : सीसीएल हॉस्पिटल पिपरवार-टंडवा

बोकारो : बोकारो जनरल हॉस्पिटल बोकारो, रीजनल सीसीएल हॉस्पिटल करगली-फुसरो, रीजनरल सीसीएल हॉस्पिटल-ढोरी

धनबाद : बीसीसीएल हॉस्पिटल-कोयलानगर, सेंट्रल हॉस्पिटल-जगजीवन नगर, रेलवे हॉस्पिटल-गोमो, डीवीसी हॉस्पिटल-मैथन, डीवीसी हॉस्पिटल-पंचेत

गढ़वा : माइंस हॉस्पिटल-भवनाथपुर

गिरिडीह : सीसीएल हॉस्पिटल बनियाडीह

गोड्डा : ईस्टर्न कोलफील्ड हॉस्पिटल ऊर्जा नगर-ललमटिया

रामगढ़ : सीसीएल हॉस्पिटल, नई सराय, सीसीएल हॉस्पिटल-रजरप्पा, कैंट हॉस्पिटल-रामगढ़

साहिबगंज : रेलवे हॉस्पिटल-रेलवे कॉलोनी

सरायकेला-खरसावां : रेलवे हॉस्पिटल सिनी

पश्चिमी सिंहभूम : रेलवे हॉस्पिटल - चक्रधरपुर, सेल-किरीबुरू।

Posted By: Jagran