रांची {दिलीप कुमार}। बेहतर अवसर व सुविधाएं मिलते ही राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) को विगत दो वर्षों में 13 सहायक वैज्ञानिकों ने अलविदा कह दिया। कोई केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला पूणे चला गया तो किसी की नौकरी लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में हो गई। कोई रांची के जेएन कॉलेज धुर्वा का सहायक प्राध्यापक बन गया तो किसी ने संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा पास कर स्थायी नौकरी ले ली।

एक तरफ सरकार राज्य के विधि विज्ञान प्रयोगशाला को देश का अत्याधुनिक व आत्मनिर्भर प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कोशिश में लगी है। वैज्ञानिकों का एसएफएसएल छोड़कर जाना यह संकेत दे रहा है कि सशक्त एसएफएसएल बनाने में अभी लंबा वक्त लगेगा। छह महीने के भीतर बहाली प्रक्रिया पूरी करने संबंधित सरकारी प्रक्रिया जारी है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) व झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के माध्यम से रिक्तियों को भरा जाना है।

जेपीएससी में चल रही है सहायक निदेशक के लिए आए आवेदनों की स्क्रूटनी - झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में 49 पदों पर सहायक निदेशक/वरीय वैज्ञानिक पदाधिकारी की बहाली के लिए विज्ञापन निकला था। इस पद के लिए आने वाले आवेदनों की स्क्रूटनी चल रही है। जिन आवेदनों को अस्वीकृत किया गया है, उन आवेदकों को अपना पक्ष रखने के लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद अंतिम सूची जारी होगी और फिर परीक्षा को लेकर आगे की कवायद पूरी होगी।

जेएसएससी से जारी होना है विज्ञापन - झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से 63 पदों पर वैज्ञानिक सहायकों की बहाली को लेकर विज्ञापन जारी होना है। राज्य सरकार ने गृह विभाग, कार्मिक के बाद कैबिनेट की स्वीकृति लेकर जेएसएससी को संबंधित दस्तावेज पूर्व में ही भेजा है। अब जेएसएससी को बहाली के लिए विज्ञापन जारी करना है और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करनी है।

Edited By: Kanchan Singh