रांची, राज्‍य ब्यूरो। नई दिल्ली में महिलाओं को मुफ्त की सवारी देकर वाहवाही लूट चुके मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का फार्मूला झारखंड में भी लागू होगा। यहां महिलाओं के साथ-साथ छात्रों और बुजुर्गों को भी मुफ्त की बस सेवा देने की तैयारी है। राज्य में सरकारी बस सेवा नहीं होने के कारण निजी बसों को भाड़े पर ले कर निर्धारित रूट पर चलाया जाएगा और उन्हें एक निश्चित राशि हर महीने दी जाएगी। परिवहन विभाग प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने घोषणापत्र में ही महिलाओं एवं बुजुर्गों को मुफ्त में बस की सवारी का वादा किया था। ऐसा ही प्रस्ताव कांग्रेस का भी था और अब दोनों पार्टियां मिलकर सरकार चला रही है। झारखंड में कहने के लिए तो सरकारी बस नहीं है लेकिन सिटी बस सर्विस को जिस तरह से प्राइवेट पार्टी के माध्यम से चलाया जा रहा है उसी प्रकार निजी उद्यमियों से बस लेकर सरकार निर्धारित रूट पर चलवाएगी।

सभी जिलों के उपायुक्तों को इसके लिए निर्देश देते हुए रिपोर्ट तलब किया गया है और डीपीओ एक निश्चित रूट बताएंगे जिस पर वाहनों को चलाना है। सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिले। इस कारण से इस प्रस्ताव में वह गांव भी शामिल हो सकते हैं जहां अभी तक बसों की सुविधा नहीं है।

पास दिखाकर यात्रा कर सकेंगे लोग

मुफ्त की यात्रा के लिए छात्रों एवं बुजुर्गों और महिलाओं का पास बनेगा। पास के लिए फिलहाल जिला परिवहन पदाधिकारी को अधिकृत किया जा रहा है लेकिन आने वाले दिनों में इसे प्रखंड स्तर पर बनवाने की व्यवस्था होगी। अब सरकार को यह तय करना है कि वह प्रति सवारी पैसे भुगतान करेगी अथवा इलाके में जारी पास के आधार पर। इसके लिए अधिकारी तैयारी में जुटे हुए हैं।

केजरीवाल ने किया ट्वीट, एक-दूसरे से सीखेंगे हम लोग

कुछ दिनों पहले ही मुख्यमंत्री केजरीवाल ने हेमंत सोरेन को जोड़ते हुए ट्वीट किया था और बताया था कि हम लोग एक दूसरे से सीख कर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने इसके साथ झारखंड सरकार की उस कवायद को भी जोड़ा था जिसके तहत प्रदेश में शिक्षा की व्यवस्था दिल्ली से बेहतर किए जाने की बात कही गई थी। केजरीवाल ने लिखा था कि आप बेहतर करिए फिर हम आपसे बेहतर करेंगे और उसी प्रकार सीखेंगे।

सिटी बस सर्विस को बनाया जाएगा मॉडल

मुक्त वाली व्यवस्था के लिए सरकार रांची नगर निगम क्षेत्र में चलने वाली सिटी बस सर्विस को मॉडल मानकर अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा सकती है। वर्तमान में सिटी बस सर्विस बहुत कम दूरी के लिए चलती है और सवारियों को भरने में समय भी लगता है। पास जारी हो जाने के बाद लोग इन बसों से अधिक से अधिक यात्रा करेंगे।

पास की जगह स्मार्ट कार्ड का ऑप्शन भी

विद्यार्थियों और बुजुर्गों को पास जारी कर जहां यह सुनिश्चित करा लिया जाएगा कि सिटी बस सर्विस सफलता की ओर बढ़े वहीं पास के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि पास 3 या 6 महीने के लिए जारी हो और उसमें अंकित तिथियों के आधार पर बस संचालकों को भुगतान किया जाए अथवा स्मार्ट कार्ड जैसी व्यवस्था पर भी चिंतन चल रहा है।

Posted By: Alok Shahi

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