रांची, राज्य ब्यूरो। भाजपा ने गैर भाजपा शासित राज्यों पर जनजातीय समाज का विकास अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में शनिवार को पेश राजनीतिक प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया कि देश के जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, उन राज्यों में जनजातीय समाज के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं को बाधित कर जनजातीय समाज के विकास की दिशा को अवरुद्ध किया जा रहा है।

ऐसे राज्यों में बंगाल, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ प्रमुख हैं। राजनीतिक प्रस्ताव मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य डा. सुमेर सिंह सोलंकी ने पेश किया। इसका समर्थन केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और विश्वेश्वर टुडू ने किया। भाजपा एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पेश राजनीतिक प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के प्रति आभार जताया गया।

कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सरकार ने तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा के संगठन ने जिस प्रकार से कार्य किया है, वह सराहनीय और अनूठा है। कार्यसमिति में जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और इससे होने वाले लाभ को साझा किया गया। वहीं झारखंड सरकार पर भी निशाना साधा गया। कहा गया, जब से झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद की सरकार बनी है, तब से लेकर अब तक लगभग 3700 महिलाओं के साथ दुष्कर्म व अत्याचार की घटनाएं हुईं हैं।

टीएसी (जनजातीय परामर्शदातृ समिति) का विशेष तौर पर जिक्र किया गया। कहा गया कि अनुसूची-5 के तहत आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक विकास के लिए टीएसी सदस्य मनोनीत करने का अधिकार राज्यपाल को दिया गया है, लेकिन झारखंड सरकार ने उनको दिए गए अधिकारों का हनन एवं दमन करने का काम किया है। आदिवासियों के साथ हुई अन्य घटनाओं का जिक्र भी राजनीतिक प्रस्ताव में किया गया। यह भी कहा गया कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने अनुसूचित जनजातियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की थी, उन्हें बंद कर दिया गया।

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप मनाएगी भाजपा

भाजपा एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में जनजातियों के आराध्य देव धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती, (15 नवंबर) को राष्ट्रीय पर्व के रूप में देश भर में मनाने का निर्णय लिया गया। इस दिवस को भाजपा राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाएगी। कार्यसमिति ने यह संकल्प भी दोहराया कि अनुसूचित जनजाति समाज का सदस्य देश के किसी भी राज्य में हों, उन्हें उस राज्य में अनुसूचित जनजाति की मान्यता और आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। कार्यसमिति में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की तर्ज पर सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में भी राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग एवं जनजाति वित्त निगम के गठन की मांग भी उठी।

ये विषय भी उठे

-जनजातियों की भूमि की रक्षा के लिए जो कानून बनाए गए हैं, उनका अक्षरश: अनुपालन कराने की व्यवस्था की जाए। जिन आदिवासियों की भूमि गैर आदिवासियों के हाथों में चली गई है, उनको वापस लाने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं।

-सैकड़ों वर्षों से वनक्षेत्र में निवास कर रहे अनुसूचित जनजाति समुदाय को भूमि का मालिकाना हक मिलना चाहिए एवं उनकी सुरक्षा होनी चाहिए।

-राज्यों में जनजाति समाज की तरह एक समान रहन-सहन, खान-पान, शादी-विवाह, धर्म-संस्कृति, धार्मिक मान्यताएं एवं विश्वास वाले लोगों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किया जाए।

Edited By: Sujeet Kumar Suman