रांची, राज्य ब्यूरो। Anti Naxal Operation In Jharkhand पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हार्डकोर नक्सली उमेश यादव ने बूढ़ा पहाड़ व महाराज प्रमाणिक ने ट्राई जंक्शन (सरायकेला, खूंटी व पश्चिमी सिंहभूम की सीमा) का भेद क्या खोला, पुलिस को लगातार सफलताएं मिलती चली गईं। यही दोनों नक्सली हैं, जिनकी बदौलत बड़े नक्सली पकड़े गए और कइयों ने पुलिस के सामने घुटने तक टेक डाले।

बूढ़ा पहाड़ अब नक्सल मुक्त क्षेत्र घोषित

झारखंड पुलिस ने बूढ़ा पहाड़ को लगभग नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है, जिसमें वहां सक्रिय रहे उमेश यादव के इनपुट की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं, ट्राई जंक्शन क्षेत्र में एक करोड़ के इनामी प्रशांत बोस उर्फ किशन, शीला मरांडी जैसे बड़े थिंक टैंक की गिरफ्तारी से लेकर एक करोड़ के इनामी अनल के घर में पुलिस की दबिश में दस लाख के इनामी महाराज प्रमाणिक का आत्मसमर्पण बहुत काम आया।

आपरेशन थंडर में मारे गए दो बड़े नक्सली

इस इलाके में गत महीने दो सितंबर को आपरेशन थंडर स्टार्म में दो सेक्शन कमांडर काली मुंडा व रीला मुंडा को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। दुर्गम वन क्षेत्र होने और एक करोड़ के इनामी कुख्यात अनल का क्षेत्र होने के बावजूद यहां सुरक्षा बलों चहलकदमी इन दिनों बढ़ी है। कई नए कैंप बनाए गए हैं। महाराज प्रमाणिक कभी अनल दस्ते का मजबूत स्तंभ था और पार्टी में जोनल कमांडर के रूप में काम कर रहा था।

सबसे लंबे समय तक पुलिस के साथ रहे दोनों

आत्मसमर्पण करने वाले 25 लाख के इनामी उमेश यादव और दस लाख के इनामी महाराज प्रमाणिक आत्मसमर्पण करने से पहले गुप्त तरीके से सबसे लंबे समय तक रहे थे। करीब चार से पांच महीने तक दोनों नक्सली सुरक्षा बलों के साथ मिलकर विभिन्न मुठभेड़ में भी शामिल रहे। हालांकि पुलिस ने उनके आत्मसमर्पण के मौके पर उनके लंबे समय तक पुलिस के साथ होने संबंधित सूचना को नकारा था। उमेश यादव ने इस वर्ष 25 फरवरी 2022 व महाराज प्रमाणिक ने 21 जनवरी 2022 को विधिवत रूप से पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।

दो साल में गिरफ्तार बड़े इनामी नक्सली व इनाम राशि

  • प्रशांत बोस उर्फ किसन दा उर्फ बूढ़ा (एक करोड़, 12 नवंबर 2021)
  • नंदलाल मांझी उर्फ हितेश उर्फ नंदलाल सोरेन (25 लाख)
  • रमेश गंझू उर्फ आजाद (15 लाख)
  • बलराम उरांव (दस लाख)
  • भीखन गंझू (दस लाख)
  • सुदर्शन भुइया (पांच लाख)
  • बालक गंझू (पांच लाख)
  • किशोर सिंह उर्फ विमल सिंह (पांच लाख)
  • नोएल सांडी पूर्ति (दो लाख)
  • संतोष कंडुलना (दो लाख)
  • ओझा पाहन (एक लाख)
  • सैमुएल कंडुलना उर्फ सामू (दो लाख)
  • राकेश साव (एक लाख)
  • सुजीत कुमार राम उर्फ सानू जी (दो लाख)
  • शीला मरांडी (सेंट्रल कमेटी सदस्य)
  • प्रद्युमन शर्मा (स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य)
  • नरेश गंझू (सब जोनल कमांडर)
  • उदय उरांव (सब जोनल कमांडर)

आत्मसमर्पण करने वाले कुख्यात नक्सली

  • राधेश्याम यादव उर्फ उमेश यादव उर्फ विमल यादव (25 लाख)
  • मुकेश गंझू उर्फ मुनेश्वर गंझू (15 लाख)
  • महाराज प्रमाणिक उर्फ राज (दस लाख)
  • सुरेश सिंह मुंडा (दस लाख)
  • जीवन कंडुलना (दस लाख)
  • रघुवंश गंझू (दस लाख)
  • नागेश्वर गंझू उर्फ तरुण (पांच लाख)
  • नुनूचंद महतो (पांच लाख)
  • लोदरो लोहरा (दो लाख)
  • संजय प्रजापति (दो लाख)
  • पत्थर जी उर्फ लक्ष्मण गंझू (एक लाख)
  • सूरज सरदार व गीता मुंडा।

मारे गए ये इनामी नक्सली

  • बुद्धेश्वर उरांव (15 लाख)
  • शनिचर सुरीन (10 लाख)
  • मंगरा लुगून (दो लाख)।

Edited By: M Ekhlaque

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