यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Governor: अंकिता की हत्या शर्मनाक, झारखंड की जनता सुरक्षित नहीं, पुलिस की भूमिका की होगी जांच
Ankita Singh Murder Case झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने डीजीपी को फोन कर दिया निर्देश। कहा फास्ट ट्रैक कोर्ट ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। Ankita Singh Murder Case राज्यपाल रमेश बैस ने दुमका में प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर 16 साल की छात्रा अंकिता सिंह को पेट्रोल छिड़ककर जलाकर मार डालने की घटना को अत्यंत दुखद बताया है। कहा है कि इस प्रकार की जघन्य व पीड़ादायी घटना राज्य के लिए शर्मनाक है। उन्होंने सोमवार को पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा से दूरभाष पर बात कर अंकिता की मौत के मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच करने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने इस घटना की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की बात कही।
झारखंड में जनता सुरक्षित नहीं : रमेश बैस
राज्यपाल ने कहा कि ऐसी घटनाओं से राज्य की छवि पर विपरीत असर पड़ता है। प्रदेश की जनता घर, दुकान, माल, सड़क कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा पूर्व में भी पुलिस महानिदेशक को राज्य की विधि-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए इसे प्रभावी व दुरुस्त करने का निदेश दिया गया था लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं दिख रहा है। एक लड़की जिसने अभी पूरी दुनिया भी नहीं देखी थी, उसका इस प्रकार से अंत बहुत ही पीड़ादायक है। इससे पहले राज्यपाल ने अंकिता के पिता से बात कर उनसे पूरी घटना की जानकारी ली एवं व्यक्तिगत रूप से सांत्वना दी। उन्होंने पीड़ित के परिवार को तत्काल दो लाख की राशि अपने विवेकाधीन अनुदान मद से देने की भी घोषणा भी की। साथ ही शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
भाजपा नेता बाबूलाल पहुंचे परिवार से मिलने
उधर, दुमका की बेटी अंकिता सिंह की दो दिन पहले हुई मौत के मामले को भाजपा ने राज्य सरकार की लापरवाही और तुष्टीकरण की नीति का परिणाम बताते हुए आंदोलन करने की रूपरेखा तैयार की है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी गिरीडीह में सोमवार को प्रशिक्षण शिविर खत्म होने के बाद दुमका के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए भाजपा के सभी नेताओं ने इंटरनेट मीडिया पर बयान जारी किया। भाजपा इस पूरे मामले को राज्य सरकार की तुष्टीकरण की नीति का परिणाम बता रही है। अंकिता को पेट्रोल डालकर जलाने वाला आरोपित शाहरूख और उसे बचाने वाले डीएसपी नूर मुस्तफा पर पार्टी कार्रवाई की मांग कर रही है।
पहले भी विवादों में रहे हैं नूर मुस्तफा
बाबूलाल मरांडी ने मई महीने में दुमका में हुए एक मामले का जिक्र किया है जिसमें आदिवासी समुदाय के शोषण के आरोप में जुल्फीकार नाम के एक आदमी जेल गया। मरांडी ने आरोप लगाया है कि नूर मुस्तफा ने उस मामले में 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल नहीं की। इस वह से आरोपित को जमानत मिल गई। बाबूलाल मरांडी के इस ट्वीट को भाजपा के राष्ट्रीय नेता मुरलीधर राव ने भी ट्वीट किया है।
सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगी पार्टी
विधानसभा में नमाज कक्ष आवंटित किए जाने के मामले में सरकार को बैकफुट पर ला चुकी पार्टी अंकिता की मौत के मामले को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन करने की योजना बना रही है। बेटियों की सुरक्षा और आरोपित के एक खास समुदाय होने की वजह से सरकारी संरक्षण के मामले में पार्टी सरकार को घेरने की तैयारी कर चुकी है। प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने ट्वीट कर अंकिता हत्याकांड में सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इस सरकार में दंगाइयों को सरकारी मेहमान बनाया जाता है जबकि असली पीड़ितों को श्मशान नसीब होता है।
