बारियातू (लातेहार), जेएनएन। लातेहार जिले के बारियातू प्रखंड अंतर्गत फुलसू पंचायत में अभी भी 200 घरों में शौचालय नहीं हैं, लेकिन कागज पर शौचालय को पूर्ण दिखाकर खुले में शौचमुक्त गांव का बोर्ड लगा दिया गया है। ग्रामीणों की मजबूरी है कि अभी भी खुले में शौच जाते हैं। ग्रामीणों ने एकजुट होकर मंगलवार की शाम बोर्ड को उखाड़ कर फेंक दिया। यहां पंचायत मुख्यालय के पास राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय की दीवार से सटाकर खुले में शौच मुक्त गांव का बोर्ड लगाया गया था।

ग्रामीण सावेत्री देवी, शुभा देवी, पुनम देवी, जितेन्द्र ठाकुर, शोभा यादव, नगीया देवी, विभा देवी, शांती देवी, सकुंतला देवी, कुन्ती देवी सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम फुलसु में पिपरा टोला, मुस्लिम टोला, कुम्हार टोला, भुइयां टोला व ठाकुर टोला मिला कर लगभग 300 घर हैं। 2010 के पंचायत चुनाव के बाद 2012 से इस गांव मे शौचालय निर्माण का काम शुरू हुआ। मात्र 80 घरों में ही अधूरा शौचालय बना और कार्यालय में बैठ कर कागज पर ही शौचालय बना कर पूरे गांव को अक्टूबर 2019 में विभाग द्वारा शौचालय मुक्त ग्राम का बोर्ड लगा कर शौचालय मुक्त घोषित कर दिया गया, जिसे हम ग्रामीणों ने मिलकर उखाड़ दिया।

ग्रामीणों का आरोप, 300 घरों का पैसा निकाल लिया

ग्रामीणों ने बताया कि सच तो यह है कि यहां अभी भी 200 से अधिक घरों में शौचालय नहीं बना है। विभागीय नियमों को ताख पर रखकर प्रति शौचालय 12 हजार की दर से 300 सौ घरों का पैसा निकाल लिया गया। शौचालय नहीं होने के कारण यहां के ग्रामीण अब भी खुले में ही शौच जाने को विवश हैं।

मुखिया व पूर्व मुखिया ने कहा

इस संबंध में पंचायत की मुखिया तेतरी देवी व पूर्व मुखिया अर्जुन उरांव ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार विभाग द्वारा शौचालय का निर्माण कराया गया है। जो अब तक पूर्ण नहीं है, इसकी सूचना पूर्व में ही विभाग व प्रखंड कार्यालय को कई बार दी गई है। इसके बावजूद विभाग ने खुले में शौच से मुक्त गांव का बोर्ड लगाकर गलत कार्य किया।

गांव में किसने और किस उद्देश्य की पूर्ति करने के लिए बोर्ड लगाया है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। ग्रामीणों की ओर से मिली सूचना के बाद अपने स्तर से मामले की जांच कर वरीय अधिकारियों को स्थितियों से अवगत करा दूंगा। राजेंद्र कुमार, प्रखंड समन्वयक।

Posted By: Alok Shahi

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