जागरण संवाददाता, रांची : रातू के सिमलिया व गायत्री नगर में हुए बवाल के बाद पुलिस शांति व्यवस्था बहाल करने में जुटी है। दोनों समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर बहुत हद तक शांति बहाल कर ली है। इसबीच गुरुवार की सुबह दिनदहाड़े जितेंद्र मिस्त्री के घर लूटपाट व आगजनी की घटना से लोग सहमे हुए हैं। हालांकि इस घटना को पुलिस संदेहास्पद के साथ साजिश भी मान रही है। माना जा रहा है कि बवाल के बाद रातू में बाहरी तत्वों की नजर है। वैसे पूरे गांव में पुलिस अभी भी तैनात है। मामले की छानबीन शुरू कर दी है। घटना में शामिल लोगों को पुलिस तलाश रही है। शुक्रवार को ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर जितेंद्र मिस्त्री के घर पहुंचे और पूरी घटना की छानबीन की। आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। ग्रामीण एसपी का कहना है कि मामला संदेहास्पद है। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। लेकिन किसी ने भी अपराधियों को भागते नहीं देखा। पुलिस अब संदेह के घेरे में रहने वाले लोगों की सीडीआर व कॉल डंप से पता लगाएगी कि उस समय कौन-कौन घटनास्थल पर मौजूद था। 50 मीटर की दूरी पर है पुलिस का कैंप, फिर भी लूटपाट : जितेंद्र का घर गायत्री नगर के उत्तर-पश्चिमी छोर में है। वहां थोड़ा सन्नाटा है। आबादी भी कम है। लेकिन उनके घर से महज 50 मीटर की दूरी पर पुलिस कैंप कर रही हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि घटना सुबह दस बजे हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने बदमाशों को ढूंढा। लेकिन होई नहीं मिला। एक व्यक्ति गायत्री नगर के उत्तरी छोर में भागता दिखा, तो पुलिस ने उसे पकड़ा और हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। लेकिन उसके खिलाफ कोई सुराग नहीं मिलने पर छोड़ दिया। तीन अपराधियों ने की थी लूटपाट : जितेंद्र मिस्त्री की पत्‍‌नी सुनीता देवी घर में अकेली थी। बेटा भाई के घर गया हुआ था। इसबीच तीन अपराधी घर में घुसे और दरवाजा बंद कर चाकू के बल 53 हजार रुपये और गहने लूट लिया। इसके बाद एक जलता हुआ कपड़ा घर में फेंककर भाग निकले। सहमी है जितेंद्र की पत्‍‌नी, बोली गांव छोड़ दूंगी : जितेंद्र की पत्‍‌नी सुनीता डरी-सहमी है। उसने कहा कि दहशत की वजह से गांव छोड़ दूंगी। उनके पति जितेंद्र बढ़ई मिस्त्री हैं। मूल रूप से गया की रहने वाली है। एक साल पहले ही घर बनाकर गायत्री नगर में शिफ्ट हुई है। गांव में हुई बैठक, लोग बोले भाईचारा रखेंगे कायम : रातू के सिमलिया और गायत्री नगर में शुक्रवार को सुबह एवं शाम में बैठकें हुई। ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर, डीएसपी हरिश्चंद्र सिंह, स्थानीय प्रमुख, मुखिया सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद थे। दोनों समुदाय के लोगों ने कहा कि आपसी भाईचारगी कायम रखेंगे। बाहरी तत्वों को गांव में घुसने नहीं देंगे। वहीं बैठक में दोनों समुदाय के लोगों ने आपस में चंदा कर जितेंद्र को नौ हजार रुपये भी दिए उल्लेखनीय है कि बीते मंगलवार की रात करीब आठ बजे समरसेबल व पंप सेट चोरी करने के आरोप में चार युवकों के साथ मारपीट की गई थी। मारपीट के बाद दूसरे समुदाय के लोग भिड़ गए थे। इसके बाद माहौल बिगड़ गया था। --------- 'गांव में शांति लौट चुकी है। असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं। उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। जितेंद्र के घर हुई लूटपाट की घटना संदेहास्पद लग रही है। पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।' आशुतोष शेखर, ग्रामीण एसपी रांची।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप