प्रणय कुमार सिंह, रांची

करीब ढ़ाई माह पहले सरकारी प्लस टू उच्च विद्यालय के बच्चों को लगा था कि अब उसे भी निजी स्कूलों की तरह सारी सूचनाएं अपने स्कूल की वेबसाइट से मिलने लगेगा। स्कूलों की एक्टिविटी से लेकर नामांकन की प्रक्रिया भी वेबसाइट के माध्यम से होती। लेकिन स्कूल प्रबंधन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से बच्चों का सपना हकीकत में नहीं बदल पा रहा है। अभी तक रांची जिला के 37 हाईस्कूल में से मात्र तीन ने ही वेबसाइट तैयार करवाया है। दरअसल दक्षिणी छोटानागपुर के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक अशोक शर्मा ने बीते 20 नवंबर 2018 को प्लस टू स्कूलों के प्राचार्य के साथ बैठक कर 15 दिनों के भीतर स्कूल का वेबसाइट बनाकर सूचित करने को कहा था। लेकिन 80 दिन बीत जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने वेबसाइट नहीं बनवाया। लापरवाही की हद सिर्फ स्कूलों की ही नहीं रही, इस मामले में अधिकारियों ने भी खोज-खबर लेना भुल गए। स्कूलों को रिमाइंडर तक नहीं भेजा गया। घर बैठे मिलती सारी जानकारी

आरडीडीई की योजना बड़ी अच्छी थी। उन्होंने प्राचार्यो के साथ बैठक में कहा था कि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी स्कूलों की तरह स्मार्ट बनेंगे। स्कूलों की एक्टिविटी की जानकारी घर बैठे मिल जाएगी। इसके लिए पहल भी शुरू कर दी गई है। वेबसाइट पर विद्यालय से संबंधित सभी सूचनाएं और एक्टिविटी से संबंधित फोटो व वीडिओ अपलोड करने की योजना थी। नामांकन फार्म के लिए स्कूलों का चक्कर नहीं लगाना पड़ता।

विद्यालय के विकास कोष की राशि से ही बनवाना था वेबसाइट

रांची जिले के अंतर्गत 37 प्लस टू हाईस्कूल हैं। इसमें केवल तीन स्कूलों ने ही वेबसाइट बनवाने की मशक्कत की। इसमें बालकृष्णा प्लस टू उवि, जिला स्कूल व एसएस प्लस टू उवि चिलदाग हैं। अन्य स्कूलों की जानकारी आरडीडीइ कार्यालय को नहीं है। आरडीडीइ ने प्राचार्यो से कहा था कि विद्यालय के विकास कोष की राशि से वेबसाइट बनवाएं। लेकिन सरकारी स्कूल अपनी कार्यशैली के अनुरूप इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है।

Posted By: Jagran

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