रांची, जासं। राष्ट्र सेविका समिति की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक का शुभारंभ शनिवार को रांची में हुआ। सरला बिरला विश्वविद्यालय के सभागार में बैठक का उद्घाटन प्रमुख संचालिका शांता अक्का एवं कार्यवाहिका अन्नदानम सीता गायत्री ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। पहले दिन सभी प्रांतों से आई प्रतिनिधियों ने अपने-अपने प्रदेश में चलाए जा रहे कार्यों की विवरणी को रखा। अधिकतर कार्यवाहिकाओं ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियिम को लेकर शहरों के साथ-साथ गांवों में भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

लोगों को सीएए के बारे में बताया जाता है। पूरे देश में 1007 स्थानों पर समिति की बहनों द्वारा सेवा कार्य किए जा रहे हैं। देश के 937 जिलों में समिति का काम एवं 357 स्थानों पर नियमित शाखाएं लग रही हैं। बैठक का समापन सोमवार को होगा। झारखंड में पहली बार कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। बैठक में सभी अखिल भारतीय अधिकारी, 12 क्षेत्र एवं 38 प्रांतों की संचालिका एवं कार्यवाहिका, उनकी सहयोगी एवं प्रचारिका भाग ले रही हैं।

बैठक में अपने अनुभव साझा करते हुए असम की कार्यवाहिका ने कहा कि अब तक वहां 950 गांवों में सीएए के समर्थन में संपर्क अभियान चलाया गया। वहां जितना काम राज्य सरकार नहीं कर पाई उससे ज्यादा राष्ट्र सेविका समिति की बहनें कर रही हैं। संपर्क चलाने के लिए टीम में एक वकील एवं एक पूर्णकालिक बहनें हैं।

पर्यावरण, सुरक्षा एवं सेवा पर हुई चर्चा

बैठक में पर्यावरण, महिलाओं की सुरक्षा एवं सेवा के कामों पर चर्चा हुई। प्रमुख कार्यवाहिका ने कहा कि समिति की बहनों को पर्यावरण की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। पूरे देश में यह समस्या बनती जा रही है। लोगों को इसके लिए जागरूक करना होगा। जल संरक्षण के लिए अभियान चलाना होगा। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में चिंता व्यक्त की गई। जहां तक सेवा की बात है तो कहा गया कि समिति की बहनों की ओर से पूरे देश में 289 स्थानों पर शिक्षा, 154 स्थानों पर स्वास्थ्य एवं 140 स्थानों पर महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने का काम चल रहा है। गरीब लड़कियों के लिए छात्रावास चलाए जा रहे हैं।

देश की वर्तमान स्थिति एवं परिवार प्रबोधन पर भी होगी चर्चा

सूत्रों के अनुसार अगले दो दिनों तक बैठक में देश की वर्तमान स्थिति, महिलाओं की सुरक्षा, परिवार प्रबोधन,अपनी शाखाओं की संख्या बढ़ाना एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में महिलाओं की योगदान व परिवार के नीब के रूप में कैसे और भी मजबूत हो इन विषयों पर गहन चिंतन होंगी।

राष्ट्र सेविका समिति का परिचय

भारत में स्त्रियों की संस्था है राष्ट्र सेविका समिति, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ही दर्शन के अनुरूप कार्य करती है। किंतु यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महिला शाखा नहीं है। इसकी स्थापना 1936 में विजयादशमी के दिन वर्धा में हुई थी। लक्ष्मीबाई केलकर (मौसीजी) इसकी प्रथम प्रमुख संचालिका थीं। वर्तमान में शांता कुमारी (उपाख्य शांता अक्का) प्रमुख संचालिका हैं। इसका ध्येयसूत्र है - स्त्री राष्ट्र की आधारशीला है। अभी पूरे देश के 2380 स्थानों पर 2784 शाखाएं लगती हैं। भारत के साथ-साथ 22 देशों में समिति की शाखाएं हैं। समिति की ओर से 52 सेवा प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। गरीबी, आतंकवाद एवं नक्सल प्रभावित बच्चियों के लिए 22 छात्रावास संचालित हैं।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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