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Tender Commission Scam: नहीं मिली पूर्व मंत्री आलमगीर को राहत, शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश को सही ठहराया

Published: Wed, 16 Sep 2026 09:54 PM (IST)

टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है।

झारखंड हाई कोर्ट ने बीती छह मई को आलमगीर आलम की डिस्चार्ज याचिका खारिज करने के निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया था।

झारखंड हाई कोर्ट ने बीती छह मई को आलमगीर आलम की डिस्चार्ज याचिका खारिज करने के निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया था।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को राहत देने से इनकार किया।

  2. ईडी ने टेंडर कमीशन घोटाले में आलमगीर आलम पर गंभीर आरोप लगाए।

राज्य ब्यूरो, रांची। टेंडर आवंटन के बाद हुए करोड़ों रुपये के कमीशन घोटाला मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। 
 
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस नागू की खंडपीठ ने आलमगीर आलम की ओर से दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया। 
 
शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह झारखंड हाई कोर्ट के पूर्व के आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है। 
 
उल्लेखनीय है कि झारखंड हाई कोर्ट ने बीती छह मई को आलमगीर आलम की डिस्चार्ज याचिका खारिज करने के निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया था। 
 
हाई कोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए पूर्व मंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री के वकील ने तर्क दिया था। 
 
इस मामले में उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या आरोप नहीं हैं और न ही उनके पास से कोई नकदी बरामद हुई थी। ऐसे में उन्हें मामले से मुक्त किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने याचिका का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि टेंडर आवंटन के बाद मिलने वाले कमीशन की राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे पूर्व मंत्री तक पहुंचता था। 
 
ईडी के अनुसार, आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के ठिकाने से बरामद डायरी में इस बात का स्पष्ट लेखा-जोखा दर्ज है कि मंत्री को कमीशन का पैसा दिया जाता था।


इन तथ्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।